सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कुछ समय पूर्व पाकिस्तान से 24 बमों को ड्रोन से पंजाब व जम्मू कश्मीर में गिराया गया था। कहा जा सकता है कि गाजीपुर में मिला बम उसी का हिस्सा हो सकता है। ऐसे में शक है कि गाजीपुर फूलमंडी वाली आईईडी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से रखवाया गया है। ये भी कहा जा रहा है कि चुनावों से पहले विस्फोटक भेजकर आईएसआई बड़ी गड़बड़ी करना चहाती है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बम बहुत ही शक्तिशाली था। बम को बनाते समय टाइमिंग जैसी कोई कमी रह गई, इस कारण बम समय से नहीं फट पाया। दूसरी तरफ स्पेश सेल ने एनएच-24 और एनएच-24 से गाजीपुर फूलमंडी तक के रास्ते की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देने के लिए सोमवार को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और सीडीडब्ल्यू को पत्र लिख दिया है। दिल्ली पुलिस ने मौके से एकत्रित किए गए नमूनों को भी सोमवार को रोहिणी स्थित एफएसएल में जमा करा दिया है।
गणतंत्र दिवस से पहले बम मिलने से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
विशेषज्ञों ने एक बैक-पैक में रखे लोहे के एक बक्से में रखे लगभग तीन किलोग्राम आईईडी को निष्क्रिय किया था। एनएसडी कर्मियों द्वारा फूल मंडी में एक गड्ढा खोदकर आईईडी को उसके अंदर विस्फोट करा दिया गया।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी में विस्फोटक मिलने के कारण इस घटना को दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने काफी गंभीरता से लिया था। गणतंत्र दिवस के कारण सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।