मंत्री गहलोत ने बनाया था किशोरी के यौन शोषण के आरोपी को ओएसडी : स्वराज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। किशोरी के यौन शोषण मामले में प्रदेश भाजपा ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया है। कहा कि घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। आरोपी को प्रश्रय देने वाले मंत्री कैलाश गहलौत को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए।
प्रदेश भाजपा मंत्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि भाजपा इस घटना की कड़ी निंदा करती है। यह घटना सामाजिक मूल्यों की गिरावट को दर्शाती है, दूसरी तरफ शक्तिशाली लोगों के पद का दुरुपयोग भी बताती है। उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर इस मामले में दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के उपनिदेशक प्रेमोदय खाका को मंत्री कैलाश गहलोत से ताकत मिली है और उन्हें भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। प्रेमोदय को मंत्री कैलाश गहलोत का ओएसडी नियुक्त करने का दस्तावेज मीडिया को दिखाते हुए उन्होंने कहा कि हस्ताक्षरकर्ता अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि मंत्री की इच्छा है कि प्रेमोदय को उनका ओएसडी नियुक्त किया जाए। इससे जाहिर है कि आरोपी मंत्री कैलाश गहलोत का करीबी था और उसने मंत्री के ओएसडी के रूप में काम करते हुए अपराध किया।
मालीवाल को संवेदनशीलता से काम करना चाहिए
स्वराज ने महिला व बाल कल्याण विभाग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल पर भी निशाना साधा। कहा कि विभाग अध्यक्ष होने के नाते उन्हें संवेदनशीलता से काम करना चाहिए। कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति देनी चाहिए। चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली सरकार ने प्रेमोदय को निलंबित करने का आदेश देने में सात दिन लगा दिए जबकि दिल्ली पुलिस ने 13 अगस्त को ही मामला दर्ज कर लिया था।
फास्ट ट्रैक सुनवाई के लिए विशेष अदालत का गठन हो : राय
इस मौके पर मीडिया से बातचीत में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता शिखा राय ने कहा कि दिल्ली ने बार-बार देखा है कि जब आरोपी किसी न किसी तरह से आम आदमी पार्टी से जुड़े होते हैं तो मालीवाल उन्हें बचाने के लिए हरसंभव कोशिश करती हैं। उन्हें गंदी राजनीति करने के बजाय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दिल्ली सरकार इस भयावह घटना की फास्ट ट्रैक सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन करे।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग को गंभीरता से नहीं लिया : कपूर
प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने कभी भी महिला एवं बाल कल्याण विभाग को उस गंभीरता से नहीं लिया, जिस गंभीरता से लेना चाहिए। 2016 में हमने महिला एवं बाल कल्याण मंत्री संदीप कुमार को एक महिला से दुष्कर्म करते देखा और आज हम एक ऐसे व्यक्ति को देख रहे हैं जो मंत्री के ओएसडी के रूप में काम करता था और किशोरी का शोषण कर रहा था।