एनडीएमसी ने सम्मेलन की तैयारी के सिलसिले में नई दिल्ली इलाके में लगाए फव्वारों के साथ-साथ पहले से लगे फव्वारों को अपने स्तर पर लगातार चलाने में हाथ खड़े कर दिए हैं। वह इन फव्वारों को चलाने में निजी कंपनी की मदद लेगी। दरअसल उसके पास इन फव्वारों को लगातार चलाने के लिए पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
एनडीएमसी इलाके में विभिन्न चौराहों व स्थानों पर 65 फव्वारे लगे हुए हैं। इनमें से 35 फव्वारे सम्मेलन के दौरान लगाए गए हैं, जबकि पहले से लगे 30 फव्वारों को ठीक किया गया है। इसमें से आधे से अधिक फव्वारे विभिन्न कारणों से बंद पड़े थे। खास तौर पर पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण ये फव्वारे नहीं चल रहे थे। हालांकि, अब उन्हें किसी तरह चला दिया, मगर उसकी यह व्यवस्था स्थायी नहीं है। वहीं, एनडीएमसी ने अब अपने सभी फव्वारे नियमित तौर पर चलाने का निर्णय लिया है। एनडीएमसी के अनुसार सभी फव्वारों को लगातार चलाने के लिए एक निजी कंपनी की मदद ली जाएगी। यह कंपनी इन फव्वारों को पानी की आपूर्ति करेगी। इसके अलावा उनका रखरखाव भी कंपनी ही करेगी।
अब स्कूलों, अस्पतालों व कार्यालयों को हराभरा करेंगे : एनडीएमसी ने नई दिल्ली इलाके की सड़कों को हरा भरा बनाने के लिए एक लाख से अधिक गमलों में पौधे तैयार किए थे। उसने ये गमले सम्मेलन में आए अतिथियों के ठहरने के लिए तय किए गए होटलों के आसपास व आवागमन वाली सड़कों के साथ आयोजन स्थल व कनाॅट प्लेस में रखे। इस दौरान कई स्थानों से उसके गमले चोरी भी हो गए थे। इसके मद्देनजर एनडीएमसी ने उन्हीं स्थानों पर गमले रखने का निर्णय लिया है, जहां उनकी चोरी न हो और पानी उपलब्ध हो। इसके अलावा अन्य गमलों को स्कूलों, अस्पतालों और एनडीएमसी के कार्यालयों में रखा जाएगा। वहीं, नर्सरी में भी इन गमलों का रखने का निर्णय लिया है।