इसे लेकर हर सरकारी महकमा अपनी-अपनी तैयारियों को पूरा करने में जुटा हुआ है। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) विभाग ने भी इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मेहमानों के रुकने और बैठकों के लिए 27 स्थलों का चयन किया गया है।
राजधानी में 8 से 10 सितंबर को जी-20 सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर हर सरकारी महकमा अपनी-अपनी तैयारियों को पूरा करने में जुटा हुआ है। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) विभाग ने भी इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मेहमानों के रुकने और बैठकों के लिए 27 स्थलों का चयन किया गया है।
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दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना कि सभी स्थलों पर फायर सेफ्टी इंतजामों की जांच करने के अलावा वहां के कर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। हर स्थल पर विभाग अपनी एक पोस्ट तैनात करेगा। यहां कम से कम एक या उसे अधिक गाड़ियां किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।
कई नई मशीनें भी खरीदी गई हैं। 24 घंटे 35 गाड़ियों के अलावा लगभग 400 जवान तैनात रहेंगे। विदेशी मेहमानों के दिल्ली आने को देखते हुए सभी दमकल केंद्रों को भी चमकाया जा रहा है। विदेशी मेहमानों को कोई कष्ट न हो और उनकी सुरक्षा में कोई चूक न हो इसके लिए लगभग सभी विभागों ने पूरा दम लगाया हुआ है।
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प्रगति मैदान, नई दिल्ली, दक्षिण, एरोसिटी, द्वारका, पूर्वी दिल्ली के अलावा करीब 27 स्थानों पर बैठकों और मेहमानों के रुकने का इंतजाम किया गया है। कई माह से इन सभी स्थलों के फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच करने के बाद उनकी कर्मियों को दूर करवाया गया।
इन सभी को फायर की एनओसी भी जारी की गई है। सबसे बड़ा आयोजन प्रगति मैदान में होगा। यहां कई बैठकें आयोजित होंगी। प्रगति मैदान में हैलीपैड भी बनाया गया है। यहां स्टेशन ऑफिसर के अलावा छह गाड़ियां 24 घंटे तैनात रहेंगी।