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दिल्ली: फेसबुक पर दोस्ती कर हनीट्रैप में फंसाकर करते थे उगाही, कई लोगों को बनाया शिकार, सरगना गिरफ्तार

Sun, 05 Dec 2021 10:11 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

फेसबुक पर दोस्ती कर हनीट्रैप में फंसाकर लोगों से उगाही करने वाले गैंग का अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। अपराध शाखा ने सरगना को गिरफ्तार किया है। गैंग डेढ साल में चार दर्जन से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुके है। 
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फाइल फोटो - फोटो : social media
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विस्तार
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अपराध शाखा ने फेसबुक पर दोस्ती कर हनीट्रैप में फंसाकर लोगों से उगाही करने वाले गैंग के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और ब्लैकमेल करने के लिए हाथ से लिखी स्क्रीप्ट बरामद की है। 
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आरोपियों ने हाल ही में इंश्योरेंस का काम करने वाले एक युवक को हनीट्रैप में फंसाकर तीन लाख रुपये ऐंठ लिए थे। इस बाबत पश्चिम विहार ईस्ट थाने में मामला दर्ज है। आरोपियों ने इलाके में एक फ्लैट किराए पर लेकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। 

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि आरोपी की पहचान बहादुरगढ़ हरियाणा निवासी नीरज के रूप में हुई है। 29 नवंबर इंश्योरेंस का काम करने वाले एक शख्स ने उगाही की शिकायत की। उसने बताया कि एक लड़की ने फेसबुक से दोस्ती कर उससे इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की बात कही। 
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लड़की ने उसे कागजात लेने के लिए अपने घर पर बुलाया और उसे शीतय पेय पदार्थ पिलाकर उसे बेहोश कर दिया। बाद में उसकी अश्लील फोटो खींच ली। जब उसे होश आया तो पुलिस की वर्दी में मौजूद तीन लोगों ने उसे फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी और उससे डेढ़ लाख रुपये नकद और डेढ़ लाख एक बैंक खाते में डलवाया। 
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अपराध शाखा की टीम ने तकनीकी जांच करते हुए नीरज को प्रशांत विहार स्थित पीवीआर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसके गैंग में दो युवती समेत छह लोग शामिल हैं। वह दसवीं तक पढ़ा है और एक बैंक्वेट हॉल में बार टेंडर का काम करता था। 

पहली बार लॉकडाउन होने से पहले उसने यह धंधा शुरू किया और अब तक चार दर्जन लोगों को अपना शिकार बना चुका है। सभी पीड़ितों से पांच से दस लाख की उगाही कर चुका है। उसने बताया कि वह लड़की के नाम से फेसबुक पर प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था। 

गैंग में शामिल युवतियां उन्हें किसी बहाने से घर बुलाकर वारदात को अंजाम देती थी। तभी गैंग के अन्य सदस्य पुलिसकर्मी बनकर वहां पहुंच जाते और पीड़ित को धमकाकर रुपए वसूल लेते थे। 
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