आर्थिक अपराध शाखा ने रूसी तेल कंपनी में निवेश का झांसा देकर एक हजार से अधिक निवेशकों से ठगी करने के मामले में एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गैंग सात सालों में 60 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। गैंग के दो सदस्य विदेश भाग गए हैं।
शाखा की संयुक्त पुलिस आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि दिसंबर 2019 में कोर्ट के आदेश पर आर्थिक अपराध शाखा में ठगी का मामला दर्ज किया गया।
आनंद लक्ष्मण परदेशी ने बताया कि मई 2016 में एक समाचार पत्र में रूसी तेल कंपनी में निवेश का एक विज्ञापन देखा था। कंपनी ने पश्चिम विहार स्थित पांच सितारा होटल में सेमिनार का आयोजन किया। इसमें कंपनी में निवेश करने पर प्रति माह 20 फीसदी रिटर्न देने का झांसा दिया गया।
सेमिनार में जैकपॉट मेनिया कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि पैसों को रूसी कंपनी में निवेश करेगी। पीड़ित ने 89 लाख रुपये जमा कर दिए, लेकिन दो माह बाद ही रिटर्न मिलने बंद हो गए। जांच के दौरान संदीप कौशिक, आशीष मलिक और सुनील सिंह चौहान के नाम सामने आए।
इन्होंने खुद को जैकपाट मेनिया कंपनी का निदेशक बताया और कहा कि उनकी कंपनी तेल कंपनी की भारतीय शाखा है। कंपनी एक हजार से अधिक लोगों से ठगी कर चुकी है। संदीप कौशिक एवं सुनील चौहान विदेश में छिपे हुए हैं।
पुलिस उपायुक्त एमआई हैदर की देखरेख में गठित टीम ने आरोपी ककरौला दिल्ली निवासी आशीष मलिक को बुधवार को ग्रेटर नोएडा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने हरियाणा के निजी संस्थान से बीटेक और विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री ली है। उसे कंपनी ने लोगों को सेमिनार के दौरान तकनीकी जानकारी देने के लिए रखा था। फरार दो आरोपियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है।