संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अंतरराज्यीय विदेशी मुद्रा व्यापार (फॉरेक्स ट्रेडिंग) धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह पूरे देश में लोगों को फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए नकली निवेश योजनाओं में फंसाकर करोड़ों रुपये ठग रहा था।
पुलिस ने तीन आरोपियों अनुराग कुमार, जीशान सैयद (इंडसइंड बैंक का सेल्स मैनेजर) और मुख्य संचालक हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी कंपनियों के नाम पर चालू खाते खोलकर उन्हें दुबई में बैठे साइबर अपराधियों को सौंप देता था, ताकि ठगे गए पैसे को उन खातों के जरिए तेजी से घुमाया और सफेद किया जा सके। अब तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह पीड़ितों से लगभग 40 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी कंपनियों जैसे रीबूट्ज सिंक प्रोफेशनल्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए खच्चर (म्यूल) खाते खोलते थे और पूरी बैंकिंग किट एटीएम कार्ड, चेक बुक, सिम और नेट बैंकिंग एक्सेस दुबई में बैठे संचालकों को भेज देते थे। फर्जी ट्रेडिंग एप और हेराफेरी किए गए डैशबोर्ड से पीड़ितों को बार-बार पैसा जमा कराने के लिए उकसाया जाता था। गिरफ्तार बैंक मैनेजर जीशान अपने पद का दुरुपयोग करके खातों को सक्रिय और ऑपरेशनल बनाता था, जबकि हिमांशु गुप्ता पूरे नेटवर्क को जोड़ने और बैंकिंग किट विदेश भेजने का प्रमुख समन्वयक था।