-बाहरी उत्तरी जिला साइबर सेल ने दो जालसाजों को किया गिरफ्तार, फोन, चेकबुक और पासबुक समेत अन्य सामान बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी उत्तरी जिला साइबर सेल ने बजाज फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर फर्जी लोन ऑफर देने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक शख्स को 25 लाख रुपये का लोन देने का झांसा देकर उससे करीब दो लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपियों की पहचान प्रेम नगर निवासी पवन कुमार और सभापुर एक्सटेंशन निवासी मोहम्मद रहबर के रूप में हुई है।
जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि नेशनल क्राइम पोर्टल के जरिए बाहरी उत्तरी जिला साइबर सेल को ठगी की शिकायत मिली। जिसमें शिकायतकर्ता भलस्वा डेयरी निवासी मोहम्मद हबीब ने बताया कि जालसाजों ने बजाज फाइनेंस के अधिकारी बनकर 25 लाख रुपये का लोन देने का प्रस्ताव दिया। पॉलिसी और प्रोसेसिंग फीस के रूप में राशि ट्रांसफर करने के बाद उन्हें कोई लोन नहीं मिला और उनके बैंक खाते से 1.92 लाख रुपये निकल गए। 25 अप्रैल 2024 को पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
साइबर सेल के निरीक्षक गोविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक खाते के जरिए आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने दोनों को जांच में शामिल होने का नोटिस भेजा। लेकिन पूछताछ के दौरान सहयोग न करने पर एक को 9 जून और दूसरे को 13 जून को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि पवन बजाज फाइनेंस के अधिकारियों के रूप में काम करता था और फर्जी लोन देने के लिए पीड़ितों को फोन करता था। वहीं ठगी की रकम आने के बाद मोहम्मद रहबर उसे निकालता था। पुलिस ने इनके कब्जे से दस कीपैड फोन, पांच स्मार्ट फोेन, दो चेक बुक, एक रबर स्टाम्प, डेस्कटॉप, दो पासबुक और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि पवन रैपिडो और स्विगी के लिए डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करता था। वहीं रहबर अपने पिता के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण फैक्टरी में काम करता था। पुलिस ने बताया कि जांच में इसी तरह की दस शिकायतें मिली हैं। पुलिस इनके दो साथी की तलाश कर रही है।