फोन पर रंगदारी नहीं देने पर दी जान से मारने की धमकी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 18 जुलाई को बिंदापुर निवासी एक कारोबारी ने थाने में उगाही को लेकर बदमाशों की मिली धमकी को लेकर शिकायत की थी। उसने बताया कि बदमाशों ने व्हाट्सएप कॉल कर उससे 40 लाख रुपये की मांग की और पैसा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
पुलिस ने ऐसे किया आरोपियों को गिरफ्तार
थाना प्रभारी राजेश मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बदमाशों के मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की। जिसके जरिए पुलिस ने डाबड़ी निवासी विशाल सिंह को 21 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में विशाल ने बताया कि उसने अपने करीबी दोस्त लकी को दो नए सिम कार्ड दिए थे। उसके बाद वह लकी के एक परिचित आशीष से मिला। लकी ने आशीष को सिम कार्ड दिए। विशाल की निशानदेही पर पुलिस ने लकी और आशीष को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
आशीष ने बताया कि उसने चारों सिम कार्ड अपने दोस्त अजय कुमार को दिए थे। उसने बताया कि अजय ने ही उगाही की साजिश रची है। पुलिस ने अजय की गिरफ्तारी के लिए उत्तम नगर और अन्य जगहों पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। हवलदार राजू को 27 जुलाई को अजय के द्वारका सेक्टर तीन इलाके में आने की जानकारी मिली। जहां से पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 8 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद हुए। बरामद दो फोन का इस्तेमाल वसूली के लिए किया गया था।
अजय ने बताया कि उसने यू-ट्यूब पर गैंगस्टर के उगाही करने का वीडियो देखा था। जल्द अमीर बनने के लिए उसने कारोबारी की ऑनलाइन प्रोफाइल के जरिए पहचान की और उसे धमकी भरे कॉल कर 40 लाख रुपये मांगे। पुलिस ने बताया कि अजय पर रणहौला थाने में अपहरण कर दुष्कर्म का मामला दर्ज है।