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ईरान में फंसे पांच नाविक: केंद्र ने हाईकोर्ट से कहा- हम उनके संपर्क में, हर सहायता प्रदान की जा रही

Tue, 27 Jul 2021 06:47 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

विद्यानाथन ने अदालत को यह भी बताया कि पांचों नाविकों के विरुद्ध आपराधिक मामले में बरी के आदेश के ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया, ऐसे में अब कानूनी दृष्टि से जो भी अलग कदम उठाना होगा, उठाया जाएगा।
 
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार को आपराधिक मामले में फंस जाने के बाद ईरान में फंसे पांच भारतीय नाविकों को सहायता प्रदान करने एवं इस मुद्दे पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने केंद्र सरकार से कहा कि इन लोगों की सहायता के लिए नियमानुसार जो भी संभव हो उचित कदम उठाए जाएं। वे जिस सुविधा के हकदार हैं, उन्हें वह मिलनी ही चाहिए। अदालत ने केंद्र सरकार को स्थिति रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय प्रदान किया है।

केंद्र की और से पेश वकील हरीश विद्यानाथन ने अदालत को बताया कि पांचों नाविक ईरान में भारतीय मिशन के अधिकारियों के संपर्क में हैं और उन्हें रहने की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि सभी पांचों को मिशन से निरंतर सहायता मिल रही है, उन्हें एक होटल में ठहराया गया है, उनके साथ संपर्क बनाकर रख गया है और उन्हें टेलीफोन की सुविधा दी गयी है।
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विद्यानाथन ने अदालत को यह भी बताया कि पांचों नाविकों के विरुद्ध आपराधिक मामले में बरी के आदेश के ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया, ऐसे में अब कानूनी दृष्टि से जो भी अलग कदम उठाना होगा, उठाया जाएगा।

पाचों नाविकों के परिवारों के वकील गुरिदंर पाल सिंह ने भारतीय अधिकारियों से कानूनी सहायता मांगी और यह भी आग्रह किया कि उनकी भारतीय पहचान को साबित करने वाला दस्तावेज जारी किया जाए। याचिका के अनुसार 2019 में इन नाविकों ने ईरान में एक मालवाहक जहाज पर काम शुरू किया था। 

याचिकाकर्ताओं के वकील के अनुसार फरवरी, 2020 में ईरानी अधिकारियों ने जहाज पर छापा मारा और पांच नाविकों को मादक पदार्थ की तस्करी करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस साल मार्च में एक अदालत ने उन्हें बरी कर दिया, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने यह मामला सुप्रीम कोर्ट में होने का हवाला देकर नाविकों को पासपोर्ट देने से इनकार कर दिया।

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