उत्तरी जिला स्पेशल स्टाफ पुलिस ने मेरठ से दिल्ली आकर वारदात को अंजाम देने वाले ठकठक गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से तीन तमंचे, छह कारतूस, 18 मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। आरोपी दिल्ली-एनसीआर में 500 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुके हैं। बदमाशों की पहचान रशीद नगर, मेरठ निवासी महफूज, कुशल कॉलोनी, मेरठ निवासी यूसुफ उर्फ चेतन, तारापुरी, मेरठ निवासी मो. मेहताब, जली कोठी, मेरठ निवासी शकील और तारापुरी, मेरठ निवासी नासिर उर्फ कालिया के रूप में हुई है। पुलिस ने फिलहाल आठ वारदात सुलझाने का दावा किया है। आरोपियोंसे बरामद 18 मोबाइल फोन की कीमत सात लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम को 18 मार्च को सूचना मिली थी कि ठकठक गिरोह के कुछ बदमाश यमुना पुल, नानकसर गुरुद्वारे के पास आने वाले हैं। खबर मिलने के बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाकर किार सवार पांचों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनसे अवैध हथियार भी बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह रोजाना कार से दिल्ली वारदात को अंजाम देते थे। दिल्ली-एनसीआर इलाके में सुनसान जगह अकेले कार चालक से लूट करते थे।
गैंग सरगना महफूज ने बताया कि कार में चालक की ओर शीशे पर उनका एक साथी ठकठक करता था। इस बीच दूसरी ओर से बाकी बदमाश कार का दरवाजा या शीशा खोलकर मोबाइल फोन या अन्य कीमती सामान उड़ा लेते थे। महफूज ने बताया कि वह मेरठ के कुख्यात हथियार तस्कर मुल्ला आमिर से हथियार लेकर गैंग के बाकी बदमाशों को देता था। कोई विरोध करता तो गोली चलाने से भी गुरेज नहीं करते थे।