दीप्ति रावत भारद्वाज ने बताया कि गुरुवार को वह एक निजी मराठी चैनल देख रही थी। उस पर शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत का इंटरव्यू चल रहा था। अपने इंटरव्यू के दौरान शिवसेना सांसद ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ चैनल पर खुलेआम अभद्र टिप्पणी की। इंटरव्यू देखकर उनकी भावनाएं आहत हुईं। इसके अलावा सभी भाजपा कार्यकर्ता अपमानित हुए। मामले को गंभीरता से लेते हुए दीप्ति ने फौरन इसकी लिखित में शिकायत मंडावली थाने में दी।
शिकायत के साथ इंटरव्यू की प्रति भी लगाई गई। पुलिस ने मामले की जांच की। छानबीन के बाद रविवार को संजय राउत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। पूर्वी जिले के वरिष्ठ अधिकारी मामले पर बोलने से बचते रहे। दीप्ति ने मांग की थी कि सांसद के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं में भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए था।
शिवसेना सांसद ने दिया जवाब
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, ''दिल्ली में मेरे खिलाफ एफआईआर राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने और मेरी आवाज को दबाने के लिए की गई है। यह मेरी पार्टी की छवि बिगाड़ने के लिए किया गया है क्योंकि सीबीआई, आईटी, ईडी जैसी संस्थाओं का उपयोग मेरे खिलाफ नहीं हो सकता। मैं एक सांसद हूं और मेरे खिलाफ गलत शिकायत दर्ज करने के किसी को बढ़ावा देना ठीक नहीं है।''