किसान धरना स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर और स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाकर सुरक्षा चौकस करेंगे। सिंघु बॉर्डर पर पीट-पीटकर एक व्यक्ति की हत्या को लेकर आलोचना झेल रहे किसान नेताओं ने शनिवार को यह जानकारी दी है। किसानों ने कहा है कि उनके आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
निहंगों के एक समूह ने सिखों के धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के आरोप में दलित खेतिहर मजदूर लखबीर सिंह की शुक्रवार को कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। लखबीर सिंह का शव सिंघु धरना स्थल पर पुलिस बैरिकेड से बंधा मिला था। उनका बायां हाथ कटा था और शव पर धारदार हथियारों से 10 से अधिक वार किए गए थे।
इस संबंध में पुलिस ने सरबजीत नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसे एक सप्ताह की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इस घटना से खुद को अलग कर लिया है और कहा है कि निहंग समूह और पीड़ित का एसकेएम से कोई संबंध नहीं है।
गाजीपुर सीमा पर धरने का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान संघ के नेता धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि शुक्रवार की घटना के मद्देनजर और अधिक कैमरे लगाए जाएंगे और विरोध स्थल पर स्वयंसेवकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि जो समूह या व्यक्ति आंदोलन में भाग ले रहे हैं, लेकिन एसकेएम की नीतियों से अलग विचारधारा रखते हैं, उन्हें विरोध स्थलों को खाली करने के लिए कहा जाएगा। भारतीय किसान मजदूर महासंघ के नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर इसमें सुधार करेंगे।