नई दिल्ली। आंदोलनकारी किसानों ने शनिवार सुबह आठ बजे से 24 घंटे के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल(केएमपी) और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) हाईवे बंद रखने की चेतावनी दी है। बीते 134 दिन से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग के लिए किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं। मांगों पर सुनवाई न होने पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में बंद का निर्णय लिया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में 13 अप्रैल को दिल्ली की सीमाओं पर खालसा पंथ स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान जालियावाला बाग हत्याकांड की बरसी पर शहीदों के सम्मान में भी कार्यक्रम होंगे।
किसानों ने 14 अप्रैल को संविधान बचाओ दिवस और किसान बहुजन एकता दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चे की सभी स्टेज का संचालन बहुजन समाज के आंदोलनकारी चलाएंगे और वक्ता भी बहुजन होंगे। मोर्चा के नेताओं ने आशंका जताई कि
नफरत एवं बंटवारे की भावना से भाजपा नेता हरियाणा में कार्यक्रमों का आयोजन कर सकते हैं।
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स्थानीय लोगों की भागीदारी के सम्मान में 18 को कार्यक्रम
संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि किसान आंदोलन में स्थानीय लोगों की भागीदारी और समर्पण को देखते हुए 18 अप्रैल को सभी मोर्चे पर सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस दिन मंच संचालन की भी जिम्मेवारी स्थानीय लोगों की होगी। 20 अप्रैल को धन्ना भगत की जयंती पर उनके गांव धोआ कलां से दिल्ली की सीमाओं पर मिट्टी पहुंचेगी और उनकी याद में टीकरी बॉर्डर पर कार्यक्रम होंगे। 24 अप्रैल को आंदोलन के 150 दिन पूरा होने पर एक हफ्ते के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। इसमें किसानों, मजदूरों के साथ साथ कर्मचारी, विद्यार्थी, नौजवान, कारोबारी सहित अन्य वर्ग के लोग भी शामिल होंगे। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में देश भर में आंदोलन को समर्थन देने वाले संगठनों की कन्वेंशन होगी। इसमें आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा। संसद मार्च के लिए फिलहाल तारीख तय नहीं की गई है।