सर्दी की मार झेल रहे किसानों को बीते तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने काफी परेशान कर रखा है। इन सब के बावजूद किसानों ने हिम्मत नहीं हारी है। उनका कहना है कि जब मांगें पूरी नहीं तब तक यहीं डटे रहेंगे। बारिश से बचने के लिए अब तमाम प्रदर्शनस्थलों पर तिरपाल व वाटरप्रूफ टेंट का इंतजाम भी किया जा रहा है। वहीं सोमवार को बेनतीजा रही बैठक के बाद 41 दिन से प्रदर्शन कर रहे किसान आज सिंघु बॉर्डर पर पंचायत कर रहे हैं। इसके साथ ही अब आंदोलन की जिम्मेदारी लेने के लिए सैकड़ों महिलाएं ट्रैक्टर चलाकर टिकरी बॉर्डर पहुंची हैं। उनका कहना है कि मांग पूरी न होने पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर लेकर लाल किला पहुंचेंगी। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स....
किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन तेज करने का किया एलान
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किसान नेताओं ने दिनभर की बैठक और पंचायत के बाद मंगलवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि वह अपना आंदोलन तेज करेंगे। 7 मार्च को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा और 9 व 13 जनवरी को संकल्प दिवस मनाया जाएगा। चार तरफ से एक्सप्रेसवे जाम किए जाएंगे और महिलाओं को कमान सौंपी जाएगी।
तीनों कानून खेती के संबंध में नहीं व्यापार के संबंध मेंः हन्नान मोल्लाह
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने आज कहा कि हमारी एक ही मांग है कि कानून वापस हों। हम खेती करने वाले किसान हैं, सरकार हमें व्यापारी बनाना चाहती है। हम व्यापारी नहीं बनना चाहते, हम उत्पादक ही रहना चाहते हैं। तीनों कानूनों का खेती के साथ कोई संबंध नहीं है, व्यापार के साथ संबंध है।
बारिश से बचने के लिए लगाए जा रहे वाटर प्रूफ टेंट
सभी धरनास्थलों पर वाटर प्रूफ टेंट लगाए जा रहे हैं ताकि अगर आगे बारिश हो तो कोई परेशानी न आए।
सरकार की नीयत में खोट है
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के सुखविंदर सिंह सभरा ने मंगलवार को कहा कि, सरकार की नीयत में खोट है। 8 जनवरी को 8वें दौर की बात होगी। बातचीत में कुछ निकलता दिखाई नहीं दे रहा। सरकार एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि कानून फायदेमंद हैं। पीएम खुद बैठक कर कानूनों को निरस्त करने की बात करें।
बारिश से धरनास्थलों पर भरा पानी
सिंघु बॉर्डर व अन्य धरना स्थलों पर रात से सुबह तक हुई बारिश के कारण काफी पानी भर गया, जिससे किसान खासा परेशान हुए।