सुप्रीम कोर्ट की समिति के सदस्य घनवट ने कही ये बात
We don't know, we're not going (to first meeting of SC-formed committee). Nobody from the agitation approached Court. Govt brought Bill through Ordinance, it was tabled in the House. It'll go back the same route it came from: Rakesh Tikait, spox, Bharatiya Kisan Union#FarmLaws pic.twitter.com/EW0sqf7GWF
We don't know, we're not going (to first meeting of SC-formed committee). Nobody from the agitation approached Court. Govt brought Bill through Ordinance, it was tabled in the House. It'll go back the same route it came from: Rakesh Tikait, spox, Bharatiya Kisan Union#FarmLaws pic.twitter.com/EW0sqf7GWF
दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा) पर पहुंचे। (बैठक शुरू होने से पहले की तस्वीरें)
गाज़ीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ 21 महिलाएं 24 घंटों के लिए भूख हड़ताल पर बैठीं। एक प्रदर्शनकारी महिला ने बताया, "मुझे बहुत गर्व है कि मैं इसका हिस्सा बनी। हम यहां उम्मीद से ही बैठे हैं कि ये कानून रद्द होंगे, लेकिन हर बार बात टल जाती है। अब देखते हैं कि कल क्या होता है।" pic.twitter.com/vWakFnw4Ol
Congress leader Rahul Gandhi to hold a press conference today at the party headquarters in Delhi, and release a booklet over the three #FarmLaws of Central Government.
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 55वें दिन भी जारी है। #FarmersProtests pic.twitter.com/ACGIt9dy42
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने आज पहली बैठक की और इसके एक सदस्य अनिल घटवट कुछ बातें की हैं जो बेहद अहम हैं। उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति नए कृषि कानूनों पर किसानों, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और सभी पक्षकारों के विचार जानेगी। समिति के सदस्य उच्चतम न्यायालय को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट तैयार करते समय कृषि कानूनों पर अपने निजी विचारों को एक तरफ रखेंगे। वह आगे बोले, समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसानों को हमसे बात के लिए राजी करना है, हम हर संभव कोशिश करेंगे।
राहुल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
राहुल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, सरकार किसानों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, सरकार किसानों से बात करने के लिए कह रही है। 9 बार बात हो गई, सरकार मामले में कोर्ट को घसीटती जा रही है।
हर इंडस्ट्री में चार-पांच लोगों का एकाधिकार बढ़ रहा हैः राहुल गांधी
हर इंडस्ट्री में चार-पांच लोगों का एकाधिकार बढ़ रहा है, मतलब इस देश के चार-पांच नए मालिक हैं। आज तक खेती में एकाधिकार नहीं हुआ। नरेंद्र मोदी चार-पांच लोगों के हाथों में खेती का पूरा ढांचा दे रहे हैं।
किसान नेताओं और पुलिस की बैठक खत्म
किसान नेताओं और पुलिस की बैठक खत्म हो चुकी है। बैठक से लौटकर आए किसान नेता दर्शनपाल ने कहा कि अभी पुलिस कुछ नहीं बोली है लेकिन हमारी ट्रैक्टर रैली 26 जनवरी को निकलेगी।
यूपी गेट पर किसान आंदोलन के चलते महाराजपुर में ट्रैफिक जाम
यूपी गेट पर चल रहे किसान आंदोलन के चलते आज वाहनों का दबाव बढ़ने पर महाराजपुर बॉर्डर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। किसान आंदोलन के कारण यूपी गेट से वाहन चालक दिल्ली नहीं जा पा रहे हैं। वाहनों को महाराजपुर, ज्ञानी और भोपुरा बॉर्डर से दिल्ली भेजा जा रहा है। मंगलवार सुबह वाहनों का दबाव बढ़ने के चलते जाम लग गया।
हमने कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया: टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की बैठक में हम नहीं जा रहे हैं। आंदोलन में शामिल किसी ने भी कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया। सरकार अध्यादेश के माध्यम से विधेयक लाई, इसे सदन में पेश किया गया। यह वापस भी उसी रास्ते से जाएगा जैसे लाया गया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की पहली बैठक शुरू, नहीं पहुंचे किसान नेता
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कृषि कानूनों की समीक्षा के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक शुरू हो चुकी है। हालांकि इसमें कोई किसान नेता नहीं पहुंचा है।
हम सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के सामने नहीं पेश होंगेः राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की पहली बैठक में जाने से इनकार किया है। टिकैत ने कहा कि हमें नहीं पता, हम नहीं जा रहे हैं। आंदोलन से किसी ने कोर्ट का रुख नहीं किया था। सरकार यह बिल अध्यादेश के जरिए लाई और यह संसद में पेश किया गया। यह वापस भी वैसे ही जाएगा, जहां से आया है। कोर्ट का इसमें क्या काम।
दिल्ली और यूपी पुलिस पहुंची सिंघु बॉर्डर
दिल्ली और यूपी पुलिस सिंघु बॉर्डर पहुंंच गई है और यहां वह किसान नेताओं से मिले हैं। पुलिस किसान नेताओं को 26 जनवरी की उनकी ट्रैक्टर रैली के लिए मनाने पहुंची है। दिल्ली पुलिस का तर्क है कि यह दिन सुरक्षा के लिहाज से बहुत संवेदनशील होता है, ऐसे में इस दिन ट्रैक्टर रैली नहीं निकाली जा सकती क्योंकि इसका फायदा कुछ असामाजिक तत्व भी उठा सकते हैं।
किसानों और पुलिस के बीच बैठक चल रही है। pic.twitter.com/aln7LsIsHS
गाजीपुर बॉर्डर पर 21 महिलाएं 24 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठीं
गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ 21 महिलाएं 24 घंटों के लिए भूख हड़ताल पर बैठीं। एक प्रदर्शनकारी महिला ने बताया, 'मुझे बहुत गर्व है कि मैं इसका हिस्सा बनी। हम यहां उम्मीद से ही बैठे हैं कि ये कानून रद्द होंगे, लेकिन हर बार बात टल जाती है। अब देखते हैं कि कल क्या होता है।'
आज नहीं कल होगी किसान सरकार वार्ता
किसान नेताओं और सरकार के बीच दसवें दौर की जो वार्ता मंगलवार को होने वाली थी वह अब 20 जनवरी को होगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की आज पहली बैठक
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कृषि कानूनों की समीक्षा के लिए बनी समिति की पहली बैठक आज होगी।
राहुल गांधी आज करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का किसानों के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान वह एक बुकलेट भी जारी करेंगे।
(File photo) pic.twitter.com/0Od0JHVu4x
सिंघु बॉर्डर पर जारी है आंदोलन
किसान आंदोलन 55वें दिन में प्रवेश कर चुका है। सिंघु बॉर्डर पर आज भी किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।
गाजीपुर बॉर्डर पर भी जारी है प्रदर्शन
किसानों का गाज़ीपुर बॉर्डर(दिल्ली-यूपी) पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आज 53वां दिन है। केंद्र सरकार और किसानों के बीच कल 10वें दौर की वार्ता होगी।
किसान आंदोलन में सोमवार को पहुंचे थे सुशांत सिंह
किसान आंदोलन के 54वें दिन सोमवार देर रात यूपी गेट पर अभिनेता सुशांत सिंह पहुंचे थे। इस दौरान सुशांत सिंह ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक व अन्य किसानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह किसान परिवार से हैं और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का नाम सुनकर बड़े हुए हैं। जहां भी किसी के साथ अन्याय होता है वह हमेशा बोलते हैं।