सिंघु बॉर्डर पर भी कुछ ऐसे ही निर्माण किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की संख्या में कमी के बावजूद सीमाओं पर लगातार हो रहे निर्माण के बारे में किसानों का कहना है कि तैयारी इसलिए है, ताकि आंदोलन लंबा चलने पर दिक्कत न हो। किसानों ने राशन का इंतजाम भी पहले ही कर लिया है। आंदोलनकारियों की तैयारियां भी वक्त की मांग के मुताबिक बदल रही हैं। आंदोलनकारियों ने कुछ दिन से सुरक्षा में बढ़ोतरी की है। स्वयंसेवकों को कैमरे व दूसरे उपकरणों से लैस किया गया है।