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जेएनयू कैंपस से गायब नजीब का 5 साल बाद भी नहीं सुराग, छात्र राजनीति से चर्चा में आया था यूपी के बदायूं का बेटा

Sat, 13 Mar 2021 02:34 AM IST
योगेश जोशी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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नजीब अहमद - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं से दिल्ली का सफर नजीब अहमद के लिए सपने की तरह था। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 100 में शुमार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में दाखिला लेकर वह वैज्ञानिक बनना चाहता था। सपना था अपनी अम्मी और परिवार के लिए नाम और शोहरत कमाने का। 13 अक्तूबर 2016 को बदायूं से जेएनयू कैंपस के लिए निकलने से पहले उसने अम्मी से जल्द घर लौटने का वादा किया था, लेकिन उसे वह पांच साल बाद भी पूरा नहीं कर पाया है।

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नजीब की अम्मी फातिमा नफीस कहती हैं कि बेटे की तलाश में जब भी दिल्ली आती थीं तो जेएनयू कैंपस में ही रुकती थीं। इस उम्मीद के साथ कि शायद अल्लाह का करिश्मा हो जाए और बेटे की कोई खबर मिल जाए। अब कोरोना के चलते इलाज के लिए दिल्ली आई हूं, पर कैंपस से बाहर हूं। एक टीस सी उठ रही है कि काश...मैं बेटे के हॉस्टल तक जा पाती। सीबीआई ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी है। इसके विरोध में हमने याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई 18 मार्च को होगी।

फातिमा कहती हैं कि नजीब कैंपस से पांच साल पहले लापता हुआ। देश की सबसे स्मार्ट कही जाने वाली दिल्ली पुलिस से लेकर सीबीआई तक के हाथ खाली हैं। मैं अक्सर एक ही सवाल करती हूं कि मेरे बेटे की जगह किसी नेता या अधिकारी का बेटा होता, तब भी जांच एजेंसियां ऐसे ही खाली हाथ अदालत में खड़ी होतीं?

एक मां नेता, पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्री, प्रधानमंत्री से लेकर अदालत के चक्कर काटती रही, पर सबकी चुप्पी टूटती ही नहीं है। आंखों में आंसू और हाथों में बेटे का फोटो थामे बेबस फातिमा नफीस हर आहट पर पूछती हैं कि मेरा नजीब आ गया या उसका कुछ पता लगा? फातिमा का आरोप है कि एबीवीपी के छात्रों को बचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां भी चुप हैं। उनका कहना है कि कैंपस से लापता होने से पिछली रात नजीब के साथ उन्हीं छात्रों ने मारपीट की थी।

ईद पर पहने कपड़ों को निकाल देती हूं मुबारकबाद...

फातिमा का कहना है कि हर दिन उन्हें लगता है कि नजीब किसी कोने से उन्हें आवाज देगा। कई लोग आशंका जताते हैं कि अब वो कभी नहीं आएगा, पर मेरा मन जानता है कि एक दिन मेरा बेटा मेरे सामने होगा। मैं ईद पर उसे याद करती हूं। उसके 2016 की ईद में पहने कपड़ों को हर साल बाहर निकालती हूं और ईदी के साथ मुबारकबाद भी देती हूं। उसकी पसंद का खाना बनाती हूं और सबके खाने के बाद चुपचाप बस थाली देखती रहती हूं...एक लंबे इंतजार के साथ।
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कब क्या हुआ...

  • 14 अक्तूबर 2016 की रात कैंपस स्थित हॉस्टल में नजीब अहमद और कुछ छात्रों के बीच मारपीट हुई। 
  • 15 अक्तूबर को माही-मांडवी हॉस्टल से नजीब अहमद लापता हो गया। 
  • 17 अक्तूबर को विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परिजनों के साथ दिल्ली पुलिस में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
  • इसके बाद दिल्ली पुलिस की जांच चलती रही। परिजनों की मांग पर अदालत ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा। आज तक किसी भी जांच एजेंसी के पास नजीब से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है।
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