फातिमा कहती हैं कि नजीब कैंपस से पांच साल पहले लापता हुआ। देश की सबसे स्मार्ट कही जाने वाली दिल्ली पुलिस से लेकर सीबीआई तक के हाथ खाली हैं। मैं अक्सर एक ही सवाल करती हूं कि मेरे बेटे की जगह किसी नेता या अधिकारी का बेटा होता, तब भी जांच एजेंसियां ऐसे ही खाली हाथ अदालत में खड़ी होतीं?
एक मां नेता, पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्री, प्रधानमंत्री से लेकर अदालत के चक्कर काटती रही, पर सबकी चुप्पी टूटती ही नहीं है। आंखों में आंसू और हाथों में बेटे का फोटो थामे बेबस फातिमा नफीस हर आहट पर पूछती हैं कि मेरा नजीब आ गया या उसका कुछ पता लगा? फातिमा का आरोप है कि एबीवीपी के छात्रों को बचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां भी चुप हैं। उनका कहना है कि कैंपस से लापता होने से पिछली रात नजीब के साथ उन्हीं छात्रों ने मारपीट की थी।
फातिमा का कहना है कि हर दिन उन्हें लगता है कि नजीब किसी कोने से उन्हें आवाज देगा। कई लोग आशंका जताते हैं कि अब वो कभी नहीं आएगा, पर मेरा मन जानता है कि एक दिन मेरा बेटा मेरे सामने होगा। मैं ईद पर उसे याद करती हूं। उसके 2016 की ईद में पहने कपड़ों को हर साल बाहर निकालती हूं और ईदी के साथ मुबारकबाद भी देती हूं। उसकी पसंद का खाना बनाती हूं और सबके खाने के बाद चुपचाप बस थाली देखती रहती हूं...एक लंबे इंतजार के साथ।