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पंजाब-हरियाणा के हजारों युवाओं का कारवां सोमवार को टीकरी बॉर्डर पहुंचा। 23 मार्च को इन युवाओं को दिल्ली बॉर्डर पर शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के आजादी के सपने से रूबरू कराया जाएगा। किसानों को उम्मीद है कि देश के यही हजारों युवा उनकी आवाज बनेंगे। भारतीय किसान युनियन एकता उगराहां के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के कोविड पोजिटिव होने की स्थिति में महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने युवाओं के कारवां का नेतृत्व किया और दिल्ली लेकर पहुंचे।
कोविड पॉजिटिव पाए गए जोगिंदर सिंह उगराहां को सोमवार देर शाम डॉक्टरों ने पूरी तरह स्वस्थ बताया और उनको अस्पताल से छुट्टी भी दे दी। बताया जा रहा है कि वह जल्द ही दिल्ली में किसान आंदोलन में पहुंचने की तैयारी में हैं। हो सकता है 23 मार्च को वह शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के बलिदान दिवस के मौके पर टीकरी बॉर्डर पर युवाओं के बीच मौजूद रहें। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की मानें तो 23 मार्च को टीकरी बॉर्डर पर युवाओं का सबसे बड़ा हुजूम जुटेगा।
सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने बताया कि पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जगहों से दिनभर दिल्ली की तरफ आते युवाओं की तस्वीरें सबने देखी है। 23 मार्च को टीकरी बॉर्डर पर युवाओं के हुजूम से सबको किसान आंदोलन की मौजूदा ताकत के बारे में भी पता चल जाएगा। खासकर सरकार के नुमाइंदों को यह साफ पता चल जाएगा जो लगातार मीडिया के अलग-अलग मंचों के माध्यम से कह रहे हैं कि दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा आंदोलन अब बिल्कुल कमजोर पड़ चुका है।
कोकरी कलां ने कहा कि 23 के बाद 26 मार्च को होने वाले भारत बंद से दुनिया को भी यह पता चल जाएगा कि आंदोलन की आग अभी भी धधक रही है। 23 मार्च को दिल्ली में केवल थपंजाब-हरियाणा से ही नहीं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और भी राज्यों से युवा पहुंचेंगे।