दिल्ली की सीमाओं पर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे किसानों ने छह मार्च को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे को बंद करने का एलान किया है। शनिवार सुबह 11 से शाम पांच बजे तक इसे बंद किया जाएगा। दिल्ली की तीनों सीमाओं पर डटे प्रदर्शनकारी इसमें शामिल होंगे ताकि सरकार पर अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए दबाव बनाया जा सके। तीन महीने से अधिक समय से चल रहे इस आंदोलन को और तेज करने के लिए मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक होगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पिछले तीन महीने से केंद्र के तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर डटे हुए हैं। सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में केएमपी को बंद करेंगे।
राजेवाल ने कहा कि किसान पिछले साल से अपनी मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं। इसी विरोध के तहत छह मार्च को केएमपी एक्सप्रेस वे को बंद किया जाएगा। 136 किलोमीटर की कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे का 2018 में उदघाटन किया गया था। इसके दिल्ली में प्रवेश किए बगैर वाहनों को दिल्ली के सीमावर्ती शहरों से ही दूसरे राज्यों के लिए भेजा जा रहा है। इससे दिल्ली में वाहन, खासकर ट्रकों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि कई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से किसानों ने इस आंदोलन को तेज किया जा रहा है। इसके लिए समर्थन देते हुए किसानों ने एकजुटता व्यक्त की है। मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मार्च में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में होने वाली महापंचायतों का भी आंदोलन को पूरा समर्थन मिल रहा है।