फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रैक्टर परेड में मृत नवरीत के दादा ने निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की

Wed, 10 Feb 2021 08:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली ट्रैक्टर रैली में मृतक किसान नवरीत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान के आईटीओ पर कथित तौर पर ट्रैक्टर पलटने से मरे 25 वर्षीय किसान नवरीत के दादा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अदालत की निगरानी में घटना की एसआईटी जांच कराने का अनुरोध किया। याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की संभावना है।

विज्ञापन


मृतक नवरीत सिंह के दादा हरदीप सिंह ने दायर याचिका में आरोप लाया है कि पुलिस उनके पोते की मौत ट्रैक्टर पलटने से बता रही है लेकिन चश्मदीद व साक्ष्यों से ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गोली चलाई थी जिसके कारण नवरीत ट्रैक्टर पर से नियंत्रण नहीं रख पाया और ट्रैक्टर पलट गया।

उन्होंने कहा कि घटना के समय वहां काफी तादाद में पुलिस बल तैनात था और किसी ने भी उनके पोते को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का प्रयास नहीं किया, यदि ऐसा किया जाता तो संभवत: नवरीत की जान बचाई जा सकती थी।
विज्ञापन


हरदीप सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि अपने पोते की मौत की सही और निष्पक्ष जांच एवं न्याय पाने के साथ सच्चाई जानने का उन्हें अधिकार है। पुलिस के मुताबिक नवरीत सिंह की मौत आईटीओ पर ट्रैक्टर पलटने की वजह से हुई जो पूर्व निर्धारित ट्रैक्टर परेड के रास्ते से हट कर गाजीपुर बॉर्डर से प्रदर्शन के लिए कई किसानों के साथ वहां पहुंचा था।

घटना के बारे में पुलिस का दावा है कि नवरीत सिंह ट्रैक्टर पलटने से उसके नीचे दब गया जिससे उसकी मौत हो गई। याचिका में कहा गया है कि मीडिया को चश्मदीदों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नवरीत अपना ट्रैक्टर चला रहा था और जब वह नई दिल्ली स्थित आंध्र एजुकेशन सोसाइटी के पास से गुजरा तो पुलिस ने कथित तौर पर गोली चलाई जिससे उसने नियंत्रण खो दिया और उसका ट्रैक्टर कुछ अवरोधकों से टकराकर पलट गया।

अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर, सौतिक बनर्जी के माध्यम से दायर याचिका में नवरीत के दादा ने अनुरोध किया है कि अदालत द्वारा नियुक्त एवं निगरानी वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) मामले की जांच करे जिसमें उन पुलिस अधिकारियों को शामिल किया जाए जिनका बेदाग करियर रहा हो और जो ईमानदार एवं कुशल हों।

उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि एसआईटी को नियमित तौर पर प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया जाए ताकि समयबद्ध तरीके से अदालत की निगरानी में जांच पूरी हो सके। याचिका में दिल्ली सरकार के गृह विभाग, इंद्रप्रस्थ एस्टेट थाने के प्रभारी, उत्तर प्रदेश के बिलासपुर थाने के प्रभारी और रामपुर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पक्षकार बनाने का अनुरोध किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें