नई दिल्ली। दिल्ली में 26 जनवरी को लाल किले पर उपद्रव फैलाने के मामले में कई किसान नेता दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में शामिल होने के लिए तैयार हो गए हैं। इनमें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत गुट के कुछ नेता भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस अब तक करीब 50 नेताओं व अन्य लोगों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर चुकी है। हालांकि लालकिले पर हिंसा के समय वहां करीब 10 हजार किसान व अन्य लोग मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) प्रवीर रंजन ने बताया कि कई नेता पूछताछ में शामिल होने के लिए तैयार हो गए हैं। इनमें सिंघु बॉर्डर के सतनाम सिंह पन्नू और सरवन सिंह पंढेर व गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे राकेश टिकैत गुट के कुछ नेता शामिल हैं। शनिवार को चक्का जाम के आह्वान के कारण ये लोग पूछताछ में शामिल नहीं हो रहे थे। रंजन ने बताया कि लाल किला हिंसा में साजिश की बात सामने आती है तो एफआईआर में देशद्रोह की धारा भी जोड़ी जाएगी। ज्यादातर आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन पहले बॉर्डर व हिंसा के समय लाल किले पर मिली है।
50 आरोपियों के चेहरे सामने आए
विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि लाल किले पर हिंसा में 50 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। जिन आरोपियों के चेहरे सामने आए हैं, उनके बारे में पता किया जा रहा है कि वह कहां के रहने वाले हैं और किस बॉर्डर से लाल किला पहुंचे थे। दिल्ली पुलिस ने हिंसा के समय का जो डंप डाट जुटाया है, उसके अनुसार लाल किले पर करीब दस हजार लोग थे, जो विभिन्न बॉर्डरों से आए थे।