फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉल सेंटर: दिल्ली में बैठ अमेरिकियों को बनाया शिकार, अमेजन कंपनी का कर्मचारी बता ठगे 7-8 करोड़ रुपये

Sat, 10 Apr 2021 12:37 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • अमेजन कंपनी की ओर से सेवाएं प्रदान करने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों से करते थे ठगी
  • सात से आठ करोड़ रुपये का कर चुके हैं ठगी 
  • प्रीत विहार में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा
  • दिल्ली पुलिस ने कई महिलाओं समेत 22 लोगों को किया गिरफ्तार
विज्ञापन
पुलिस ने ठगी करने वाले 22 लोगों को पकड़ा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ ने प्रीत विहार में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा कर प्रबंधकों, पर्यवेक्षकों और ऑपरेटरों सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कॉल सेंटर के जरिये अमेरिकी नागरिकों को खुद को अमेजन कंपनी से बताकर सेवाएं देने का झांसा देकर ठगी करते थे। शुरुआती पूछताछ में 7 से 8 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। यहां से पुलिस ने 24 डेस्कटॉप और 38 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
विज्ञापन


पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर की सूचना के बाद बृहस्पतिवार को निरीक्षक सतेंद्र खारी के नेतृत्व में स्कोप मीनार के पास स्थित डीडीए कांप्लेक्स की पहली मंजिल पर छापा मारा गया। वहां चल रहे फर्जी कॉल सेंटर में मौजूद 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में इन्होंने बताया कि अमेरिका में रह रहे लोगों को वे खुद को अमेजन कंपनी की तकनीकी टीम से बताकर एक रिकॉर्डेड मैसेज भेजते थे। इसके बाद कहते थे कि उनके खाते से अनधिकृत खरीदारी हुई है। समस्या के समाधान के लिए वे उन्हें दिए गए टॉल फ्री नंबर पर कॉल करने के लिए कहते थे। 
विज्ञापन


उनकी समस्या को हल करने के लिए उन्हें एक नंबर दबाने के लिए कहते थे। जब ये ग्राहक कॉल करते तो आरोपी गूगल गिफ्ट कार्ड या आई-ट्यून्स कार्ड के माध्यम से उनसे हजारों डॉलर की ठगी कर लेते। वे ग्राहकों को कॉल प्रॉक्सी सर्वर से कनेक्ट कर ठगी करते थे।
विज्ञापन

जांच में पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों की भर्ती विदेशी लहजे में अंग्रेजी बोलने के आधार पर की गई थी। हालांकि इनमें से ज्यादातर बीच में ही स्कूल की पढ़ाई छोड़ चुके हैं या फिर स्नातक तक की पढ़ाई किए हुए हैं। ऑपरेटरों को 25 से 30 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। प्रबंधकों को 50 से 60 हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। ज्यादा रकम ठगने पर सभी को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें