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दिल्ली: मोती नगर में विदेशी नागरिकों को ठगने वाला फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, नौ को किया गिरफ्तार

Tue, 20 Jul 2021 09:34 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने सेंटर से छह कंप्यूटर, एक लैपटाप, दो इंटरनेट राउटर, नौ मोबाइल फोन, टेलीकाम्यूनिकेशन सॉफ्टवेयर, वीओआइपी (वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) कॉल डायलर और मोबाइल फोन में आपत्तिजनक डाटा बरामद किया है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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पश्चिम जिला की साइबर सेल ने मोती नगर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने ठगी को अंजाम देने वाले नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी माइक्रोसॉफ्ट और विंडोज की सुरक्षा और तकनीकी समस्या का समाधान करने का झांसा देकर अमेरिकी और कनाडा के नागरिकों से ठगी को अंजाम दे रहे थे। साथ ही सरकार के राजकोष को भी नुकसान पहुंचा रहे थे। 

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पुलिस ने सेंटर से छह कंप्यूटर, एक लैपटाप, दो इंटरनेट राउटर, नौ मोबाइल फोन, टेलीकाम्यूनिकेशन सॉफ्टवेयर, वीओआइपी (वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) कॉल डायलर और मोबाइल फोन में आपत्तिजनक डाटा बरामद किया है।

जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुदर्शन पार्क निवासी भानू, हरप्रीत, रमेश नगर निवासी पुष्पेंद्र सिंह, सौरव, सुरेंद्र, नेब सराय निवासी उबैद, सुदर्शन पार्क निवासी योगेश, भव्य सिंघल और गुरप्रीत के रूप में हुई है। 
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साइबर सेल को मोती नगर के सुदर्शन पार्क स्थित एक मकान की तीसरी मंजिल पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली थी। पता चला कि कॉल सेंटर से आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट के तकनीकी विशेषज्ञ बताकर तकनीकी सहायता का झांसा देकर अमेरिका व कनाडा के नागरिकों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर सेल की टीम निरीक्षक अरुण चौहान के नेतृत्व में सोमवार को उक्त सेंटर पर छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में पता चला कि आरोपी विदेशी नागरिकों को फर्जी तकनीकी दिक्कत का मैसेज भेजते थे। फिर मदद के बहाने उस शख्स को वीओआइपी के माध्यम से फोन करते थे। उन्हें विश्वास में लेने के बाद तकनीकी परेशानी को दूर करने के लिए उसका भुगतान करने के लिए कहते थे। पीड़ित आरोपियों के बातों में आकर उन्हें ई-चेक से भुगतान कर देते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी पीड़ितों का नंबर ब्लॉक कर देते थे। पुलिस के मुताबिक भानू, हरप्रीत, पुष्पेंद्र, सौरव, उबैद, और सुरेंद्र कॉल सेंटर का संचालन करता था जबकि गुरप्रीत, योगेश और भव्य सिंघल टेलीकॉलर का काम करते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जांच में जुटी है।

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