नई दिल्ली। अदालत ने तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के मामले में एक किसान और एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को जमानत दी है।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने सीमापुरी में हुई हिंसा के मामले में बलजीत सिंह और हरजिंदर सिंह की 15 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर जमानत स्वीकार की है। अदालत ने माना कि आरोपियों पर पूर्व में कोई आरोप नहीं है और न ही उनके ऊपर साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने संबंधी कोई आरोप हैं। ऐसे में वे जमानत के हकदार हैं।
बलजीत उत्तराखंड के हरिद्वार में रहते हैं और पेशे से किसान हैं जबकि हरजिंदर भारतीय सेना की 9 सिख लाइट इंफैंट्री बटालियन के सैन्य अधिकारी रहे हैं और सेना में 17 साल सेवा दे चुके हैं।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन के मुताबिक भी दोनों आरोपी ट्रैक्टर नहीं चला रहे थे और न ही उन्होंने खुद पुलिसकर्मियों को कुचलने या चोट पहुंचाने की कोशिश की। अदालत ने कहा आरोपी 26 जनवरी से हिरासत में हैं और उन्हें और हिरासत में रखने से कोई मकसद हल नहीं होने वाला।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बलजीत और हरजिंदर को 26 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर चिंतामणि चौक से हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार करीब 500 प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों और कारों से अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर की तरफ से आए व उन लोगों ने कथित तौर पर बैरीकेड तोड़े थे। पुलिस ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर चला रहे लोगों ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की थी।