नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टीन सभागार में बुधवार को नृत्यसमर्पणम कार्यक्रम में भरतनाट्यम की शास्त्रीय परंपरा, लय और भावाभिव्यक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। कला सिंधु स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में नृत्यांगना सिंधु श्याम ने एकल प्रस्तुति दी।
प्रसिद्ध नृत्य गुरु चित्रा विश्वेश्वरन की शिष्या सिंधु श्याम ने प्रस्तुति में मुद्राओं, पदचाप, लय और भावाभिनय का संतुलित संयोजन किया। चेहरे के हाव-भाव और हाथों की मुद्राओं के जरिए उन्होंने कथ्य को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में भरतनाट्यम के तकनीकी अनुशासन के साथ भाव और अभिव्यक्ति को भी प्रमुखता दी गई।
नृत्यांगना को वैभव आरेकर से भी मार्गदर्शन मिला है। उनकी प्रस्तुति ने शास्त्रीय नृत्य की गहराई और कथा को शरीर की भाषा के माध्यम से व्यक्त करने की परंपरा को मंच पर जीवंत किया। संवाद