कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दिल्ली में बड़ों से ज्यादा बच्चों में टीकाकरण को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते तीन सप्ताह के दौरान राजधानी में होने वाले टीकाकरण में रोजाना 40 फीसदी तक की भागीदारी बच्चे और किशोरों की दर्ज की जा रही है।
इस उत्साह को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी स्कूलों में शिविर लगाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, अभी 12 साल से कम उम्र वालों को टीका नहीं लग रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोरोनारोधी टीका के प्रति वयस्क आबादी में काफी भ्रांतियां देखने को मिलीं। कई लोग अभी भी टीके की खुराक लेने से कतरा रहे हैं, लेकिन बच्चों में इसका कुछ भी अनुभव नहीं किया जा रहा है। 12 से 14 साल के बच्चे और 15 से 17 साल के किशोर खुद ही आगे आकर अपना संक्रमण से बचाव के लिए टीके पर भरोसा जता रहे हैं। इनमें बेटियों की संख्या भी बराबर की है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बीते एक दिन में 60 हजार लोगों ने टीकाकरण कराया, जिनमें 25 हजार से ज्यादा बच्चे और किशोर शामिल रहे। विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि 12 साल से कम आयु के बच्चों को टीका देने से संबंधित दिशा-निर्देश उन्हें नहीं मिले हैं। इसलिए अभी 12 वर्ष या फिर उससे अधिक आयु वालों का टीकाकरण किया जा रहा है। इस समय दिल्ली में 500 से ज्यादा केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है, जिनमें 400 से अधिक सरकारी केंद्र हैं। यहां एहतियाती खुराक भी उपलब्ध है, जिसका कुल टीकाकरण सात लाख से भी आगे निकल गया है।
कोविन वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में अब तक 3.34 करोड़ टीकाकरण पूरा हुआ है, जिनमें 1.79 करोड़ लोगों ने पहली और 1.47 करोड़ ने दूसरी खुराक हासिल कर ली है। पहली खुराक का टीकाकरण 100 फीसदी लक्ष्य हासिल कर चुका है, जबकि दूसरी खुराक का टीकाकरण भी लगभग 92 फीसदी के आसपास पहुंच गया है। इनके अलावा तीसरी यानी एहतियाती खुराक की बात करें तो यह संख्या भी अब बढ़कर 7,47,339 तक पहुंच गई है।
बाल-किशोर टीकाकरण की स्थिति
उम्र (वर्ष में) टीकाकरण (संख्या)
12-14 669666
15-17 1775494