अलीपुर इलाका सोमवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते और बदमाशों के बीच सोमवार रात मुठभेड़ हो हुई। दोनों ओर से 22 राउंड गोलियां चलीं। इस दौरान महिला उप निरीक्षक और एक हवलदार बाल-बाल बच गए।
जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम दोनों शार्प शूटरों को दबोच लिया। उनके कब्जे से दो पिस्टल, चार कारतूस, आठ खोखे और बाइक बरामद हुईं। पूछताछ में पता चला कि दोनों शूटर गैंगस्टर गोल्डी बरार और काला जठेड़ी के इशारे पर गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और दिल्ली पुलिस के एक सिपाही की हत्या करने के मकसद से आए थे।
जिला पुलिस उपायुक्त बृजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश गांव लवा माजरा, बहादुरगढ़ (हरियाणा) निवासी परविंदर उर्फ काला और गांव कलिंग, भिवानी निवासी टोनी के रूप में हुई है। दस्ते को सूचना मिली कि दिल्ली, हरियाणा में हुई लूट और बेंगलूरू में हुई हत्या करने वाला एक शार्प शूटर देर रात अपने सहयोगी के साथ अलीपुर इलाके में आने वाला है। रात करीब ढाई बजे दस्ता निरीक्षक संदीप यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलीपुर -बूढ़पुर रोड, टिवोली गार्डन के पास घेराबंदी कर दी। इस दौरान स्वरूप नगर नाला रोड की तरफ से एक बाइक पर बदमाशों को देख पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगे।
पुलिस टीम ने आगे भी घेराबंदी कर दी थी। खुद को घिरा देख दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की एक गोली हवलदार सतेंद्र के कान के पास से गुजरी और दो गोलियां महिला उप निरीक्षक रश्मि की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। लगातार चेतावनी देते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से 22 राउंड फायरिंग के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशोें को दबोच लिया।
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि गैंगस्टर काला जठेड़ी और गोल्डी बरार के शार्प शूटर हैं और उनके इशारे पर दिल्ली आए थे। उन्हें गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया और दिल्ली पुलिस में तैनात एक सिपाही की हत्या करनी थी।
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि परमिंदर बेंगलूरू में हुई हत्या, लाहौरी गेट में करीब 24.7 लाख रुपए की लूट, बेरी झज्जर हरियाणा में हुई 35 लाख रुपये की लूट, सदर झज्जर में हुई सात लाख की लूट और अंबाला में एक कबूतर बाजी के मामले में वांछित था। परमिंदर काला जठेड़ी गैंग के एक सक्रिय सदस्य मिथुन के साथ रहता था। मिथुन के गिरफ्तारी के बाद वह नेपाल भाग गया था। वह अपने साथी टोनी के साथ वारदात की रूपरेखा तैयार करने के लिए अलीपुर की तरफ जा रहा था।
महिला उपनिरीक्षक के पहले ऑपरेशन में मुठभेड़
अलीपुर में बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ का नेतृत्व महिला उप निरीक्षक रश्मि चौधरी ने किया। यह रश्मि का पहला ऑपरेशन था और इसमें ही उसे बदमाशों पर नकेल कसने में कामयाबी मिल गई। रश्मि चौधरी वर्ष 2019 में दिल्ली पुलिस में बतौर उप निरीक्षक भर्ती हुई थी। इस समय बाहरी उत्तरी जिले के स्पेशल स्टाफ में तैनात है। इससे पहले वह द्वारका जिले में तैनात थी। मूलत : राजस्थान के सीकर जिले के भोजपुर गांव की रहने वाली हैं। रश्मि ने बताया कि वह अपने गांव में पहली लड़की है, जो सरकारी नौकरी में आई है। परिवार में पिता अर्जुन सिंह, मां सावित्री देवी हैं, एक छोटा भाई और बहन है। पिता किसान है। रश्मि चौधरी शादीशुदा है और उनके पति राजस्थान पुलिस में हैं।