राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में हिंदी में अभिभाषण दिया। इस दौरान केंद्रीय कक्ष 147 बार सदस्यों की मेज की थपथपाहट एवं तालियों से गूंजा। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के पहले एवं अंतिम पैरे का अंग्रेजी अंश पढ़ा।
बजट सत्र की शुरुआत पर संसद के केंद्रीय कक्ष में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण में जब रक्षा तैयारियों के संदर्भ में राफेल विमान खरीद सौदे का जिक्र आया, तब करीब 40 सेकेंड तक तालियां बजी। इसके अलावा सर्जिकल स्ट्राइक, वन रैंक..वन पेंशन, राष्ट्रीय पुलिस स्मारक संबंधी उल्लेख पर भी सदस्यों ने तालियां बजाई।
नोटबंदी, जीएसटी, मुद्रा योजना में महिला उद्यमियों को रिण देने, किसानों का उल्लेख, गंगा की स्वच्छता, भारत रत्न संबंधी उल्लेख तथा उज्ज्वला योजना का जिक्र होने के समय भी सदस्यों ने तालियां बजाई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाषण के दौरान 142 बार तालियां बजी, वहीं उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के अभिभाषण का कुछ अंश अंग्रेजी में पढ़े जाने के दौरान 5 बार तालियां बजी ।
पीएम, दो पूर्व पीएम, पार्टी अध्यक्ष पहली कतार में बैठे
पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा एवं डॉ. मनमोहन सिंह, भाजपा के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहली पंक्ति में बैठे थे। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह और गुलाम नबी आजाद बैठे थे। वहीं अभिभाषण के दौरान कक्ष में केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी भी मौजूद थे।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव, बीजद नेता भतृहरि माहताब, तृणमूल नेता सुदीप बंदोपाध्याय भी मौजूद थे। अभिभाषण समाप्त होने के बाद कोविंद ने अगली पंक्ति में बैठे हुए सभी नेताओं के पास जाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सरकार ने नया भारत बनाने का संकल्प लिया है।