बदलते मौसम के साथ चिड़ियाघर में वन्यजीवों की खुराक में बदलाव किया जाएगा। बदलाव के तहत जहां मांसाहारी वन्यजीवों को दिए जाने वाले मांस की मात्रा कम कर दी जाएगी, वहीं शाकाहारी वन्यजीवों को ऋतु फल दिए जाएंगे, जिससे उनके शरीर में ठंडक बने रहने के साथ पानी की कमी न हो।
चिड़ियाघर के एक अधिकारी के अनुसार, गर्मी पड़ने पर वन्यजीवों के खाने-पीने में बदलाव किया जाता है। साथ ही डॉक्टरों की टीम भी वन्यजीवों की सेहत का खासा ध्यान रखती है। अधिकारी ने बताया कि गर्मी के दौरान शाकाहारी वन्यजीवों को तरबूज, ककड़ी, खीरा व अन्य फल दिए जाते हैं।
पानी में मिलाकर दिया जाएगा ग्लूकोज
अधिकारी ने बताया कि गर्मी अधिक पड़ने पर वन्यजीवों को पानी में ग्लूकोज मिलाकर दिया जाएगा। इससे उनके शरीर में डिहाइड्रेशन नहीं होगा। ग्लूकोज शाकाहारी व मांसाहारी दोनों ही वन्यजीवों को दिया जाएगा।
मांस की मात्रा कम की जाएगी
अधिकारी ने बताया कि गर्मी में अधिक मांस खाने से वन्यजीवों के शरीर में अधिक गर्मी उत्पन्न हो जाती है। इससे वन्यजीवों को परेशानी होने लगती है। जहां पहले शेर प्रतिदिन 12 किलो मांस खाता था, अब इसकी मात्रा आठ किलो कर दी जाएगी। हालांकि, अन्य तरल पदार्थ भी दिए जाएंगे।
बाड़ों को ठंडा रखने के लिए छिड़का जाएगा पानी
अधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर में वन्यजीवों के बाड़ों को ठंडा रखने के लिए स्प्रिंक्लस का सहारा लिया जाएगा। इसकी मदद से बाड़ों में पानी की छिड़काव किया जाएगा।