लॉकडाउन के दौरान गरीबों को मुफ्त भोजन देने की योजना को पूूरा समर्थन देते हुए भाजपा ने दिल्ली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सरकार 10 लाख लोगों को मुफ्त खाना खिलाने का दावा कर रही है, लेकिन यह बताने में भी असमर्थ है कि कितने केंद्रों पर खाना मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले दिनों ही उन जगहों का पता मांगा, लेकिन अब तक नहीं मिल सका है। भाजपा वहां अपने कार्यकर्ताओं को तैनात कर सहयोग करना चाहती थी। तिवारी ने कहा कि सैनिटाइजर मशीन पर तो मुख्यमंत्री ने अपना फोटो लगवा लिया है, अब खाना मिलने वाली जगहों पर भी फोटो लगवाएं, ताकि गरीबों को पता चल सके कि वहां मुफ्त भोजन मिल रहा है।
तिवारी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को 15 लाख लोगों के लिए सूखा राशन दिया है। सरकार ने इसे बांटने के लिए ठेकेदारों को दिया। सरकार को बताना चाहिए कि सूखा राशन ठेकेदार कहां बांट रहे हैं, ताकि सभी वार्ड पार्षद व जनप्रतिनिधि सहयोग कर सकें। कहीं राशन घोटाला हो रहा है तो उसे उजागर कर सकें और सही तरीके से खाद्यान्न वितरित हो सके। तिवारी ने कहा कि दिल्ली में 272 वार्ड हैं। अगर हर वार्ड में दो जगहों पर सूखा राशन व पका खाना मिल रहा है तो कुल 500 जगह हुईं। इनका पता तो सरकार बताए।
हेल्पलाइन पर मिलीं 659 शिकायतें
तिवारी ने बताया कि गरीबों की समस्याओं के समाधान के लिए भाजपा ने हेल्पलाइन शुरू की थी। इस पर 657 लोगों ने तरह-तरह की शिकायतें की हैं। कहीं खाना नहीं मिल रहा तो कहीं पानी का संकट है। खाना मिल भी रहा है तो पर्याप्त नहीं है और लोगों का पेट नहीं भर रहा है। सांसद भी अलग-अलग काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से आया फ्री राशन क्यों नहीं बंट रहा है, इसकी जांच जरूरी है। पीड़ितों को खाना और राशन मिले, इसके लिए भाजपा चिंतित है। भाजपा का दावा है कि ‘फीड द नीडी’ योजना के तहत उसने अब तक 26,03,347 लोगों तक खाद्य सामग्री व भोजन पहुंचाया।