-केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया स्वाध्याय भवन का उद्घाटन
-55 करोड़ रुपये की लागत से करीब चार साल में सात मंजिला भवन बनकर हुआ तैयार
-पश्चिमी और दक्षिणी परिसरों को विकसित करने में दिल्ली सरकार करेगी अतिरिक्त सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में पढ़ने वाले उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। एसओएल के पूर्वी दिल्ली कैंपस का सोमवार से शुभारंभ हो गया। सोमवार को ताहिरपुर स्थित नवर्निर्मित पूर्वी क्षेत्रीय केंद्र स्वाध्याय भवन का केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उद्घाटन किया। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब सहित कई दूसरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, एसओएल का पूर्वी क्षेत्रीय केंद्र केवल एक संस्थान नहीं है बल्कि अवसर और सशक्तिकरण का द्वार है। अर्जित करो और सीखो पहल में एसओएल की महत्वपूर्ण भूमिका है, जहां युवाओं को विकसित भारत के लिए आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से सशक्त कर रहे हैं। शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विभिन्न भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान कर सकती है। देश भर के छात्रों को सशक्त बना सकती है। मुझे विश्वास है कि एआई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एसओएल इस विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह दिल्ली के कार्यबल को और अधिक दक्ष और उत्पादक बनाने के लिए एक केंद्रीय केंद्र बन सकता है।
एसओएल सुविधाएं प्रदान करने के लिए है प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वाध्याय भवन में उपलब्ध सुविधाएं इस बात का प्रमाण है कि एसओएल अपने छात्रों को नियमित कॉलेजों के समकक्ष उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी छात्र में ऊर्जा और दृढ़ संकल्प है तो एसओएल यह सुनिश्चित करता है कि उसे सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। हम पश्चिमी और दक्षिणी परिसरों को और अधिक सुदृढ़ और विकसित करने के लिए भी अतिरिक्त सहयोग प्रदान करेंगे।
छात्रों के लिए खुला अवसरों का द्वार
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पूर्वी दिल्ली के नए क्षेत्रीय केंद्र का उद्घाटन केवल एक बुनियादी ढांचे की उपलब्धि नहीं है बल्कि यह अवसरों का द्वार है जो सुनिश्चित करता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच में दूरी अब कभी बाधा नहीं बनेगी। यह केंद्र युवाओं को कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व से सशक्त करेगा और भविष्य के नवोन्मेषकों और राष्ट्रनिर्माताओं के लिए एक सच्ची कर्मभूमि बनेगा। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि इस नए भवन का उद्घाटन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के विजन को साकार करती है, जहां वास्तविक विकास तभी संभव है जब प्रत्येक बच्चे को सीखने का अवसर मिले।
कौशल आधारित पाठ्यक्रम समय की मांग
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा ग्राफिकल वीडियो हमारे छात्रों के लिए सीखने को और प्रभावशाली बनाने के लिए जरूरी हैं। कौशल आधारित पाठ्यक्रम समय की मांग हैं, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। स्वाध्याय भवन को ऐसे नवोन्मेषी कार्यक्रमों के डिजाइन और संचालन के केंद्र के रूप में उभरना चाहिए।
उच्च शिक्षा को जरूरतमंद छात्रों के घर तक पहुंचाना संकल्प
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो ने कहा कि आने वाले समय में एसओएल जिस प्रकार की प्रगति के सपने देख रहा है। वह हमें साकार होते नजर आ रहे हैं। एसओएल का संकल्प उच्च शिक्षा को जरूरतमंद छात्रों के घर तक पहुंचाना है। यह स्वाध्याय भवन उन छात्रों के लिए समर्पित है जो किसी वजह से छात्र में नियमित छात्र के रूप में नहीं पढ़ पाते। पूर्व छात्र प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, आईएएस अधिकारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अर्जुन पुरस्कार विजेताओं के रूप में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
करीब 60 फीसदी छात्रों को मिलेगा लाभ
उन्होंने बताया कि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के छात्रों का इस केंद्र का बहुत अधिक लाभ मिलने वाला है। एसओएल में करीब 60 फीसदी छात्र इन इलाकों से आते हैं। इस भवन के बनने से उनकी सुबह और शाम की कक्षाएं हो सकेंगी। दाखिला संबंधी जानकारियां प्राप्त और अध्ययन सामग्री ले सकेंगे। भवन में स्मार्ट क्लासरूम, लाइव क्लास, स्मार्ट लाइब्रेरी, 250 कंप्यूटर वाली लैब की भी व्यवस्था है। पहले रविवार को 40 कॉलेज में कक्षाएं होती थीं, अब उनका 13 कॉलेजों में संचालन होगा। वर्ष 2021 में यह परिसर बनना शुरू हुआ था। बता दें कि लगभग 55 करोड़ की लागत से बने और आधा एकड़ में फैले सात मंजिला भवन अत्याधुनिक उपकरणों व नवाचार तकनीकों से युक्त हैं।