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दिल्ली विश्वविद्यालय में साहित्यिक चोरी का मामला गरमाया

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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ कॉलेजों के प्राचार्यों पर साहित्यिक चोरी के आरोप का मामला गरमा गया है। अब साहित्यिक चोरी के मामले को उठाने वाले शिक्षकों को सांसद व कुछ जानीमानी हस्तियों का साथ भी मिल गया है। मंगलवार को सभी ने ऐसे प्राचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। राज्यसभा सांसद मनोज झा इस मामले में राज्यसभा के सभापति से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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साहित्यिक चोरी के आरोपों पर समाजवादी शिक्षक मंच की ओर से मंगलवार को एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें राज्य सभा सांसद प्रो मनोज झा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व सांसद निलोत्पल बसु, व इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के चेयरमैन राम बहादुर राय तथा डूटा की पूर्व अध्यक्षा नंदिता नारायण ने अपनी बात रखी।
प्रेस कांफ्रेंस में सभी ने डीयू के आर्यभट्ट कॉलेज, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज तथा दयाल सिंह कॉलेज (सांध्य) के प्राचार्य पर साहित्यिक चोरी के आरोपों पर चिंता जताई। डी राजा ने आरोपी प्राचार्यों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं किए जाने पर हैरानी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यकारी परिषद् में राष्ट्रपति के नामित सदस्य रह चुके राम बहादुर राय ने कहा कि इतने महीने से दयाल सिंह कॉलेज सांध्य के प्राचार्य पर साहित्यिक चोरी का दोष साबित होने पर भी विश्वविद्यालय द्वारा कार्रवाई न होना आश्चर्य की बात है। पूर्व सांसद निलोत्पल बसु ने साहित्यिक चोरी के खिलाफ संघर्ष में अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया।
राज्य सभा सांसद प्रो मनोज झा ने कहा वो पूरी तरह से इन चीजों से अवगत हैं और राज्य सभा के सभापति से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। इन तीन कॉलेजों के प्रिंसिपल पर साहित्यिक चोरी के आरोप अलग-अलग समय पर लगे हैं। दयाल सिंह कॉलेज (सांध्य) के प्रिंसिपल पर तो जुलाई में यह आरोप लगे हैं।
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