यूजी के चौथे साल के लिए डीयू पूरी तरह से तैयार
-कार्यकारी परिषद की बैठक में कुलपति ने दी जानकारी, कहा, 60 फीसदी छात्रों के प्रवेश की संभावना
-चौथे वर्ष के विद्यार्थियों को केवल रेगुलर और जूनियर कक्षाओं को पढ़ाएंगे गेस्ट फैकल्टी
-कार्यकारी परिषद की बैठक में डीयू विकास शुल्क व कुछ पाठ्यक्रमों की फीस में बढ़ोतरी की स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इस साल चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तहत छात्र चौथे वर्ष में प्रवेश करेंगे। डीयू का अनुमान है कि लगभग 60 फीसदी छात्रों के चौथे वर्ष में जाने की संभावना है। डीयू की शनिवार को हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में कुलपति प्रो योगेश सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। कुलपति ने कहा, डीयू चौथे वर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार है। बैठक में कुलपति ने प्रॉक्टर प्रो. रजनी अब्बी को दक्षिणी परिसर का निदेशक नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया। जिसे बैठक में सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
दिल्ली विश्वविद्यालय में शनिवार को कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1276वीं बैठक हुई। बैठक में कुछ पाठ्यक्रम व विकास शुल्क की बढ़ोतरी के लिए मंजूरी दी गई। कोर्सेज की फीस में आठ से दस फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। जबकि डीयू विकास शुल्क को 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। इससे पहले वर्ष 2022 में विकास शुल्क 900 रुपये था, जो 2023 में इसे बढ़ाकर 1000 और वर्ष 2024 में इसे बढ़ाकर 1200 रुपये कर दिया गया था। डीयू कार्यकारी परिषद सदस्य अमन कुमार ने बताया, फीस बढ़ोतरी के लिए रिपोर्टिंग आइटम के रूप में लाया गया। जिस पर नोट फॉर एक्शन दिया। पांच वर्षीय लॉ प्रोग्राम, पीएचडी, एमए बंगाली, तमिल (एमआईएल) में फीस बढ़ोतरी की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा इस साल शुरू किए गए मास्टर इन टूरिज्म मैनेजमेंट के फीस ढांचे को भी स्वीकृत किया गया। इस प्रोग्राम की फीस 36,000 रुपये होगी।
कुलपति ने बताया कि 65.71 करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय में वार्ई-फाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि 60 फीसदी छात्रों के चौथे साल में अपग्रेड करने की संभावना है। जिन कॉलेजों में कोई समस्या है उसके लिए समाधान किए जा रहे हैं। जिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है, वहां कुछ गेस्ट फैकल्टी रखने के साथ-साथ उसी कॉलेज से या अन्य कॉलेज से रेगुलर शिक्षकों द्वारा अतिरिक्त कक्षाएं लेने का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चौथे वर्ष के विद्यार्थियों को केवल रेगुलर फैकल्टी पढ़ाएंगे जबकि गेस्ट फैकल्टी केवल जूनियर कक्षाओं को ही पढ़ाएंगे।
1912.15 करोड़ के 17 प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य प्रगति पर
बैठक में कुलपति ने कहा कि 1912.15 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 17 प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 329 करोड़ रुपए के फंड जारी किए जा चुके हैं। उत्तरी परिसर में बन रहे डबल्यूयूएस स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण 53 फीसदी मौरिस नगर में सोशल सेंटर स्कूल बिल्डिंग का क्षैतिज विस्तार कार्य 64 फीसदी पूरा हो चुका है। कंप्यूटर केंद्र भवन का निर्माण 55 फीसदी हो चुका है। विश्वविद्यालय में करीब 13.34 करोड़ की लागत से रिपेयर एवं रिनोवेशन के 40 प्रोजेक्ट्स पूर्ण हो चुके हैं।
शंकर लाल हॉल के पास बनेगा कल्चरल एक्टिविटी सेंटर
डीयू के शंकर लाल हॉल के पास कल्चरल एक्टिविटी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। ईसी की ओर से बिल्डिंग कमेटी के इस निर्णय को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। कार्य सीपीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया है। सीपीडब्ल्यूडी को भवन योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
छात्राओं और कामकाजी के लिए छात्रावास का निर्माण
डीयू के ढाका परिसर में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए बिल्डिंग कमेटी की सिफारिशों को अनुमोदित कर दिया गया है। सीपीडबल्यूडी को 200.00 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि का कार्य सौंपने का निर्णय लिया गया है।
अरुण जेटली के नाम पर खेल छात्रवृत्ति शुरु करने के लिए कमेटी का गठन
बैठक में एक ईसी सदस्य की ओर से डीयू के पूर्व विद्यार्थी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के नाम पर खेल में छात्रवृत्ति शुरू करने के विचार पर कुलपति ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी का निदेशक प्रो. रजनी अब्बी को बनाया गया है, जबकि कार्यकारी परिषद सदस्य अमन कुमार, राज पाल और डॉ सुनील शर्मा को बनाया गया है।