नई दिल्ली। कोरोना की वजह से करीब दस माह बाद सोमवार से दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए खुल जाएंगे। छात्रों को छोटे-छोटे समूहों में ही प्रयोगशाला, पुस्तकालय में आने की अनुमति होगी। कॉलेजों ने एसओपी के अनुसार तैयारी पूरी कर ली है। सैनिटाइजर मशीनों, मास्क की व्यवस्था कॉलेजों ने की है। वहीं, सामाजिक दूरी के पालन का भी ध्यान रखा जाएगा। कॉलेजों में सौ फीसदी शिक्षकों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
कॉलेजों में दो शिफ्ट में स्टाफ को प्रवेश व निकास की इजाजत होगी। ऐसे में स्टाफ को नौ बजे से साढ़े पांच बजे तक व 9.30 बजे से शाम 6 बजे तक के स्लॉट में बुलाने के लिए कहा गया है। वहीं सभी शिक्षकों को कॉलेज में उपस्थित रहने के आदेश से शिक्षक काफी हैरान हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब केवल अंतिम वर्ष के छात्रों को आने की अनुमति है तो सभी शिक्षकों को बुलाने की आवश्यकता नहीं है।
शिक्षकों को कॉलेज से भी और घर से भी ऑनलाइन कक्षाएं लेनी है। यदि सभी शिक्षक कॉलेज आ जाएंगे तो यह कैसे संभव होगा। शिक्षकों का कहना है कि सभी शिक्षकों के कॉलेज आने से पहले व दूसरे वर्ष के छात्रों की पढ़ाई बाधित हो सकती है। वहीं अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि अंतिम वर्ष केजो छात्र कॉलेज नहीं आएंगे उनकी पढ़ाई कैसे कराई जाएगी।