बकौल रावत, विश्वविद्यालय ने दबाव को कम करने के लिए छात्रों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय और एक अतिरिक्त प्रश्न देने का भी फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से जानते हैं कि छात्र लंबे समय के बाद परीक्षा देने के लिए घबराए हुए हैं और तनाव में हैं। उनकी हरसंभव मदद की जा रही है।
रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों के लिए भी परीक्षा आयोजित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जो छात्र कोरोना संक्रमित हैं या उन्हें परीक्षा के दौरान क्वारंटीन से गुजरना पड़ा है, उन्हें बाद की तारीखों में परीक्षा देने के लिए कहा जाएगा।
11 मई से अधिकांश परीक्षाओं का होगा आयोजन
रावत के मुताबिक, 11 मई से अधिकांश कोर्स की परीक्षाएं होंगी। परीक्षा का ऑफलाइन मोड में आयोजन होगा। हमें प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था करनी होती है, क्योंकि उन्हें कॉलेजों तक पहुंचने के लिए समय पर पहुंचाना होता है। इस प्रक्रिया में सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
परीक्षाओं में कोरोना नियमों का पालन
ऑफलाइन परीक्षा में छात्रों व शिक्षकों की सुरक्षा के लिए कॉलेज कोरोना नियमों का पालन कर रहे हैं। मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल बिजयलक्ष्मी के मुताबिक, हमने हर जगह सैनिटाइजर रखे हैं और परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के बीच शारीरिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। छात्रों से कहा है कि वे अपनी पानी की बोतलें खुद लाएं।
उन्होंने कहा कि हम नर्सों और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। वहीं, रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल मनोज खन्ना के मुताबिक, कोरोना नियमों का पालन कराने के लिए नई इमारत में परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, जबकि पुरानी इमारत में कक्षाएं चल रही हैं।