नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलसचिव, कार्यवाहक कुलपति और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष व एससी/ एसटी के कल्याणार्थ संसदीय समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरक्षित सीटों को स्पेशल ड्राइव के माध्यम से भरने की मांग की है।
डीटीए के प्रभारी प्रोफेसर हंसराज सुमन ने पत्र में लिखा है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों व कॉलेजों में एससी, एसटी ओबीसी, पीडब्ल्यूडी और ईडब्ल्यूएस कोटे के अंतर्गत स्नातक स्तर के छात्रों के लिए कॉलेजों में खाली पड़ी सीटों को कॉलेजों ने हाई कटऑफ निकालकर आरक्षित वर्गों के छात्रों को बहुत कम छूट दी, इस वजह से सीटें खाली रह गईं।
उन्होंने पत्र में बताया कि हर वर्ष स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर कॉलेजों में आरक्षित श्रेणी से संबंधित छात्रों की कई कॉलेजों में बहुत सीटें खाली रह जाती हैं, लेकिन कॉलेज इन्हें भरने के लिए कटऑफ कम नहीं करते। साथ ही न ही प्रवेश की तिथि को आगे बढ़ाकर सीटों को भरने में रुचि लेते हैं।
उन्होंने कहा कि कॉलेज में सीटों के खाली रहने पर छात्रों के प्रवेश के लिए प्रत्येक वर्ष स्पेशल ड्राइव भी चलायी जाती है, लेकिन कॉलेज कटऑफ कम नहीं करते बल्कि केवल खानापूर्ति के लिए स्पेशल ड्राइव होती है। उन्होंने कॉलेजों से तुरंत विषय के अनुसार आंकड़े जारी कराने और उसे वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में बताया कि सबसे ज्यादा बुरी स्थिति विज्ञान विषय में आरक्षित वर्ग के छात्रों की है।
वहीं, कुछ छात्र दाखिले के बाद एमबीबीएस व इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अन्य जगह पर चले गए। सुमन ने कहा कि कॉलेजों में दाखिले के लिए 5 कटऑफ लिस्ट जारी हुईं, लेकिन इसके बाद भी एससी, एसटी, ओबीसी व ईडब्ल्यूएस की कॉलेजों में 10 से 15 फीसदी सीटें खाली हैं।