नशा तस्कर न केवल नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं, बल्कि देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। दक्षिण-पूर्व जिले की गोविंदपुरी थाना पुलिस ने नशीले पदार्थ खासकर एमडीएमए की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश कर उसके सरगना को गिरफ्तार किया।
नशा तस्कर न केवल नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं, बल्कि देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। दक्षिण-पूर्व जिले की गोविंदपुरी थाना पुलिस ने नशीले पदार्थ खासकर एमडीएमए की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश कर उसके सरगना को गिरफ्तार किया तो पता लगा कि ये गिरोह बांग्लादेश की प्रतिबंधित ऐप आईएमओ का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस गिरोह से जांच में ये बात भी सामने आई है कि अब देश का युवा स्मैक की बजाए एमडीएमए की ओर जा रहा है। आईएमओ ऐप के इस्तेमाल को लेकर देश की सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गई हैं। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में बैठने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ समय से गोविंदपुरी, ओखला और आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थों की सप्लाई में रामप्रसाद उर्फ किरण नाम के नशा तस्कर की भूमिका के बारे में खास जानकारी मिल रही थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोविंदपुरी थाना पुलिस ने पिछले सप्ताह तुगलकाबाद गांव के जंगल वाले इलाके के पास एक टारगेटेड ऑपरेशन चला कर मूल रूप से नेपाल के रहने वाले आरोपी किरण (34) को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली में ये ओखला में रह रहा था। इसके पास से 32.80 ग्राम स्मैक और 19.76 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई थी।
आईएमओ ऐप भारत में पूरी तरह कब से प्रतिबंधित है : भारत सरकार ने मई 2023 में सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े खतरों का हवाला देते हुए आईएमओ सहित 14 मोबाइल मैसेजिंग ऐप्स को पूरी तरह से प्रतिबंधित (ब्लॉक) किया था। इन ऐप्स को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत प्रतिबंधित किया था। हालांकि, प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी ये ऐप्स अक्सर गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर उपलब्ध पाए जाते रहे हैं, क्योंकि तकनीकी रूप से इनको पूरी तरह से हटाना चुनौतीपूर्ण होता है।
विज्ञापन
आईएमओ ऐप प्रतिबंधित हैं। इसका इस्तेमाल करने वालों पर नजर रखी जाती है और कानूनी कार्रवाई की जाती है। दिल्ली पुलिस ने इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले काफी लोग पकड़े हैं। राजीव रंजन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त व प्रवक्ता, दिल्ली पुलिस