नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले के पालम इलाके में वायु सेना कर्मी की पत्नी व बेटे की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में मृतक महिला बबीता के भतीजे को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बुराड़ी के दर्शन विहार निवासी अभिषेक वर्मा के रूप में हुई है। आरोपी ने बताया कि बबीता ने उसकी बहन की शादी में 50 हजार रुपये उधार दिए थे। इन रुपयों को लेकर बबीता अक्सर उसे जलील करती थी। दो दिन पहले भी जलील किया था। इसके बाद अभिषेक ने हत्या की साजिश रचकर वारदात को अंजाम दे दिया। फरार होते समय अभिषेक ने ई-रिक्शा चालक को यूपीआई वॉलेट से पेमेंट की थी, इसकी वजह से वह फंस गया और हत्याकांड से पर्दा उठ गया। पालम थाना पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल स्कूटी व खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम को पालम थाना क्षेत्र के राजनगर के पार्ट-1 में वायु सेना के अकाउंटेंट केएस सुधीर की पत्नी बबीता और उसके बेटे गौरव की किसी ने हत्या कर दी थी। कसरत करने वाले डंबल से बबीता और गौरव के सिर, चेहरे व शरीर के अन्य हिस्सों पर वारकर मौत के घाट उतारा गया था। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा क्राइम टीम व एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। घर का सामान फैला हुआ मिला और अलमारी भी खुली मिली। पुलिस को लगा कि लूटपाट के लिए वारदात को अंजाम दिया गया है। हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को घर के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से ई-रिक्शा में सवार होता एक युवक दिखाई दिया। पुलिस ने ई-रिक्शा चालक की तलाश शुरू कर दी। छानबीन के बाद पुलिस ई-रिक्शा चालक तक पहुंच गई। पूछताछ की गई तो चालक ने बताया कि युवक को उसने पालम मेट्रो स्टेशन के पास छोड़ा था।
चालक ने बताया कि युवक ने उसे फटा नोट दिया था। इस वजह से उसने यूपीआई पेमेंट करने के लिए कहा, तो युवक ने उसे ऑनलाइन पेमेंट की। चालक से पूछताछ के बाद पुलिस को युवक का मोबाइल नंबर मिला और पुलिस रात को ही उस तक पहुंच गई। पहले तो युवक गुमराह करने लगा, लेकिन इसके बाद उसने हत्या की बात कबूल कर ली। युवक ने बताया कि बबीता उसकी बुआ थी। 50 हजार रुपये के लिए वह उसे जलील करती रहती थी। गुस्से में आकर उसने बुआ की हत्या की साजिश रची थी। मंगलवार को वह राजनगर के पालम मेट्रो स्टेशन पहुंचा। वहां स्कूटी पार्क कर वह बुआ के पास ई-रिक्शा से पहुंचा। घर पहुंचकर उसने बुआ की हत्या की। चूंकि गौरव मां की हत्या का चश्मदीद हो सकता था, इसलिए उसने गौरव की भी डंबल से वारकर हत्या कर दी। बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए घर का सामान फैला दिया।
वारदात के बाद फूफा के साथ घूमने लगा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अभिषेक ने बीए द्वितीय वर्ष तक की पढ़ाई की हुई है। वह शादीशुदा है, उसका एक बच्चा भी है। आरोपी घर के पास मेडिकल स्टोर चलाता है। आरोपी ने बताया कि वारदात के बाद वह ई-रिक्शा में सवार होकर मेट्रो स्टेशन पहुंचा। वहां से घर जाकर नहाया। बाद में कपड़े बदलने के बाद वह वापस बुआ के घर पहुंचकर अपने फूफा केएस सुधीर के साथ घूमने लगा, लेकिन चंद ही घंटों बाद पुलिस न आरोपी को पकड़कर हत्याकांड से पर्दा उठा दिया। बताया जाता है कि किसी को शक न हो, इसलिए आरोपी ने अपनी बुआ व भाई के शव को पुलिस के साथ मिलकर एंबुलेंस में रखवाया था।
आरोपी के कपड़ों और चेहरे पर खून लगा था
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस ई-रिक्शा चालक तक पहुंची। चालक ने बताया कि जिस युवक को वह मेट्रो स्टेशन छोड़कर आया था। उसके कपड़ों व चेहरे पर खून लगा था। उसने युवक से खून लगा होने की बात भी की थी, तो युवक बिना कुछ बोले वहां से निकल गया। युवक के ऑनलाइन पेमेंट करने की वजह से पुलिस ने उसे चंद ही घंटों में पकड़ लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।