विशेषज्ञ बनने की पढ़ाई अधर में अटकी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को वर्ष 2025 की डिप्लोमेट नेशनल बोर्ड (डीएनबी) काउंसलिंग का इंतजार है। सेवाकालीन कोटे की काउंसलिंग में देरी से डॉक्टरों को विशेषज्ञ बनने की पढ़ाई का मौका नहीं मिल पा रहा है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के एक पदाधिकारी के अनुसार, डीएनबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश नीट पीजी के अंकों के आधार पर केंद्रीय या राज्य स्तर की मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाता है। यह एमबीबीएस के बाद की जाने वाली स्नातकोत्तर मेडिकल डिग्री है जो एमडी और एमएस के समकक्ष मानी जाती है, लेकिन वर्ष 2025 की काउंसलिंग अभी तक नहीं हुई है। इसके कारणों को लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है। साथ ही इस मामले को लेकर सुनवाई कोर्ट में भी चल रही है।
हैरानी वाली बात यह है कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपनी काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। पदाधिकारी ने बताया कि काउंसलिंग के बाद दिल्ली सरकार के मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ की पढ़ाई का मौका मिलता है। काउंसलिंग के लिए सीटों में हर साल बढ़ोतरी और कमी देखने को मिलती है। वर्ष 2025 की काउंसलिंग अभी तक नहीं हुई है।