हिंदूराव अस्पताल में डॉक्टर द्वारा खुद से पीपीई किट बांटने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा डॉक्टर को निष्कासित करने का मामला सामने आया है। प्रशासन द्वारा दिये गए नोटिस में डॉक्टर को अस्पताल को बदनाम करने का आरोप है।
डॉक्टर अस्पताल के डॉक्टर एसोसिएशन के महासचिव डॉक्टर पीयूष हैं। डॉक्टर पीयूष के अनुसार, पीपीई किट की कमी के कारण एसोसिएशन ने एक एनजीओ से पीपीई किट के लिए संपर्क किया था।
एनजीओ से उन्हें फेस शील्ड प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने कुछ डॉक्टरों को यह बांट भी दी। जब अगली बार डॉक्टर पीयूष किट बांटने के लिए अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सा अधीक्षक ने नोटिस जारी कर निष्काषित कर दिया।
वहीं, डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल प्रशासन उन्हें निशाना बना रहा है। क्योंकि, इससे पहले भी अस्पताल की छत से मरीज के बिस्तर पर पानी टपकने के वीडियो को उन्होंने इंटरनेट पर अपलोड कर दिया था। उस समय भी उनको कारण बताओं नोटिस मिला था।
डॉक्टर का कहना है कि वह इस मामले में कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। डॉक्टर के निष्काषित होने के बाद एम्स के डॉक्टर एसोसिएशन ने भी विरोध जताया है। एसोसिएशन के महासचिव डॉक्टर श्रीनिवासन ने कहा कि कोरोना के युद्ध में डॉक्टर जंग लड़ रहे हैं।
ऐसे में बिना कारण बताए डॉक्टर पीयूष को निष्कासित करना गलत है। वहीं, उत्तरी निगम आयुक्त वर्षा जोशी का कहना है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा ही किट दी जानी थी, लेकिन डॉक्टर ने इसे खुद ही किया।
जबकि अस्पताल तय करता कि किसे किट दी जानी है और किसे नहीं। क्योंकि, किट को जोखिम वाले क्षेत्रों में काम कर रहे डॉक्टर और सफाईकर्मचारी समेत अन्य मेडिकल स्टाफ को दी जाती है।