मंत्री के चेताने पर हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे डाक्टर
नई दिल्ली। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक के विरोध में पिछले तीन दिन से हड़ताल पर गए डॉक्टर रविवार शाम काम पर लौट आए। बताया जा रहा है कि इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने डॉक्टरों को बुलाकर अंतिम चेतावनी देते हुए तत्काल हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने एम्स में बैठक की और काम पर लौटने का निर्णय लिया, लेकिन देर रात एम्स के डाक्टर इस फैसले को लेकर दो गुटों में बंट गए। एक गुट ने दबाव में हड़ताल खत्म करने का आरोप लगाते हुए विरोध मार्च निकाला। ऐसे में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली पर असमंजस के हालात बन गए।
डॉ. हर्षवर्धन ने एम्स और सफदरजंग के हड़ताली डॉक्टरों को अपने निवास पर बुलाकर अलग-अलग बैठक की। उन्होंने डॉक्टरों को चेताने के साथ ही एनएमसी विधेयक को लेकर गलतफहमी होने का जिक्र करते हुए एनएमसी में किए गए संशोधन की पूरी जानकारी दी। आरडीए अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि विधेयक लागू होते वक्त सभी चिकित्सीय संगठनों से परामर्श जरूर लिया जाएगा। साथ ही एनएमसी के बोर्ड में एम्स निदेशक की भूमिका भी होगी।
उधर, फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के राष्टीय अध्यक्ष डॉ. सुमेध ने कहा कि विधेयक के खिलाफ उनका संगठन हमेशा खड़ा रहेगा, लेकिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन बैकपुट पर आ चुके हैं। साथ ही मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया है।