नई दिल्ली। सुल्तानपुरी थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से लापता एक दिव्यांग महिला को सोशल मीडिया के जरिये उसके परिवार वालों ने मिलवा दिया। पुलिस को महिला सुल्तानपुरी के बस स्टैंड पर लावारिस हालत में मिली थी। महिला बोलने में असमर्थ थी और न ही उसके पास कोई पहचान पत्र ही था। महिला के मिलने के बाद परिवार वालों ने दिल्ली पुलिस की जमकर सराहना की है।
जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि बुधवार शाम करीब चार बजे सुल्तानपुरी थाना पुलिस को सूचना मिली कि करीब 32 साल की एक महिला सुल्तानपुरी बस स्टैंड पर अकेली बैठी है। सूचना मिलते ही एसआई राजबीर वहां पहुंचे और महिला से पूछताछ करने की कोशिश की, लेकिन महिला बोल पाने में असमर्थ थी। उसके पास से पुलिस को कोई पहचान पत्र भी नहीं मिला। इससे उसके घर का पता लगाने में पुलिस को दिक्कत आ रही थी।
महिला की पहचान करने के लिए पुलिस ने इलाके में डोर-टू-डोर छानबीन शुरू की। लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था। बावजूद पुलिस ने प्रयास जारी रखा। पुलिस ने महिला के बारे में एक संदेश बनाकर कई व्हाट्सएप ग्रुप पर उसे डाला। इसका असर तुरंत देखने को मिला। शुक्रवार को थाने के निरीक्षक प्रवीण के पास एक कॉल आई। कॉलर ने बताया कि वह मुजफ्फरनगर यूपी का रहने वाला है।
उसने बताया कि सोशल मीडिया पर चल रहा फोटो उसकी बहन का है जो 18 जुलाई से लापता है और वह दिव्यांग है। महिला का नाम परवीन है और वह मोहल्ला बघारा, मुजफ्फरनगर, यूपी की रहने वाली है। 23 जुलाई को परवीन के परिवार वाले सुल्तानपुरी थाने पहुंचे। जहां उन्हें परवीन से मिलवाया गया। परवीन को पाकर परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार वालों ने दिल्ली पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने स्तर पर तलाश की लेकिन जब वह ढूंढ नहीं पाए तो उसे खोजने की उम्मीद खो रहे थे।