सेंट स्टीफंस कॉलेज के स्नातक पाठ्यक्रम 2022-23 के लिए जारी प्रोस्पेक्टस में कहा गया है कि कॉलेज सीयूईटी को पात्रता मानदंड के रूप में अपनाएगा, जिसमें सीयूईटी के लिए 85 फीसदी वेटेज और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के लिए कॉलेज के साक्षात्कार में 15 फीसदी वेटेज होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और सेंट स्टीफंस कॉलेज के बीच दाखिले को लेकर चल रहा विवाद नहीं थम रहा है। कॉलेज प्रशासन सभी श्रेणियों के छात्रों का साक्षात्कार लेने और इसमें 15 फीसदी वेटेज देने पर अड़ा है। वहीं, इसका विरोध जताते हुए डीयू प्रशासन केवल आरक्षित श्रेणी का साक्षात्कार लेने की बात कर रहा है। डीयू ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने की सूरत में दाखिले को मान्य माना जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि वह कॉलेज को पत्र लिखकर हाल ही में जारी किए गए प्रोस्पेक्टस को वापस लेने के लिए कहेगा, जिसमें 85:15 वेटेज फॉर्मूले का उल्लेख है, अन्यथा इस तरह के प्रवेश डीयू में स्वीकार्य नहीं होंगे। सेंट स्टीफंस कॉलेज के स्नातक पाठ्यक्रम 2022-23 के लिए जारी प्रोस्पेक्टस में कहा गया है कि कॉलेज सीयूईटी को पात्रता मानदंड के रूप में अपनाएगा, जिसमें सीयूईटी के लिए 85 फीसदी वेटेज और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के लिए कॉलेज के साक्षात्कार में 15 फीसदी वेटेज होगा। उक्त बात कॉलेज की ओर से बीते माह वेबसाइट पर दाखिले के नोटिस में भी कही गई थी।
वहीं, इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय ने कॉलेज को सीयूईटी का उपयोग करके अनारक्षित सीटों पर प्रवेश कराने के लिए कहा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि साक्षात्कार केवल आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए ही आयोजित किए जाने चाहिए।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता के मुताबिक, प्रशासन कॉलेज को लिखेगा कि उसके द्वारा उठाया गया कदम गलत है और प्रोस्पेक्टस को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। गुप्ता का कहना है कि यदि यह वापस नहीं लिया जाता है और छात्र इसके आधार पर प्रवेश लेते हैं तो विश्वविद्यालय दाखिला स्वीकार नहीं करेगा। दाखिले को शून्य माना जाएगा।
डीयू छात्रों को देगा दाखिला न लेने की सलाह
डीयू रजिस्ट्रार के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय भी एक बयान जारी करेगा, जिसमें छात्रों को कॉलेज के पाठ्यक्रमों में आवेदन करने से परहेज करने की सलाह दी जाएगी। क्योंकि, इस तरह के दाखिले नहीं माने जाएंगे। बीते दिनों डीयू ने कॉलेज को लिखा था कि कॉलेज को सीयूईटी स्कोर के आधार पर सामान्य सीटों पर प्रवेश आयोजित करने के कार्यकारी परिषद के प्रस्ताव का पालन करना होगा। हालांकि, सेंट स्टीफंस कॉलेज ने विश्वविद्यालय को सूचित किया था कि वह अल्पसंख्यक संस्थान के रूप में गारंटीकृत अपनी नीति के अनुसार प्रवेश के साथ आगे बढ़ने का अधिकार सुरक्षित रखता है।