संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। दल्लूपुरा गांव के निवासी मूलभूत सुविधाओं के कमी से परेशान हैं। लोगों की कहना है कि गांव में कई महीने से पीने का गंदा पानी आ रहा है। इसके अलावा गांव में साफ-सफाई के इंतजाम नहीं हैं। गंदगी की वजह से बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें भी की गई, लेकिन नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कोई समाधान नहीं किया गया। संवाद कार्यक्रम में मंगलवार को इन समस्याओं को लेकर गांव के लोगों ने चर्चा की।
कार्यक्रम में योगेश, रणवीर सिंह, चौधरी खड़क सिंह उर्फ लीलू, चौधरी सुनील व अन्य लोगों ने बताया कि दिन में एक बार ही पीने का पानी आता है। उसमें भी दुर्गंध और गंदगी भरी रहती है। ऐसे में कई लोग मजबूरी में पानी खरीदकर पीते हैं। गांव में पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाया गए नाले की कई सालों से सफाई नहीं हुई है। नाला पूरी तरह बंद हो चुका है, जिस वजह से गांव की नालियों में पानी जमा हो जाता है और सड़कों पर बहने लगता है। इन नालियों की सफाई नहीं होने से उसमें पानी की जगह कूड़ा भरा है। लोगों ने कहा, पूर्व विधायक के घर के पीछे वाली गली कूड़े से भरी है, जिस वजह से वहां आवाजाही में लोगों को परेशानी होती है। सीवर लाइन भी पूरी तरह जाम है। गंदा पानी सड़कों पर बहता है। इसके अलावा नगर निगम के कर्मचारी गांव की सड़कों की सफाई नहीं करते, जिस वजह से गांव में गंदगी फैली रहती है।
खरीदकर पी रहे पानी
गांव में सीवर की छोटी लाइन होने की वजह से वह जाम हो जाती है, सीवर ओवरफ्लो होकर बहते रहते हैं। -
रणवीर सिंह, निवासी
प्रशासन बड़े नाले की सफाई ही नहीं कराता है, नालियों का पानी नाले तक नहीं पहुंचता है। -
चौधरी खड़क सिंह उर्फ लीलू, निवासी
लोग खुद सड़कों की सफाई कर कूड़ा एकत्रित कर देते हैं, निगम की ओर से 15-15 दिनों तक कूड़ा ही नहीं उठाया जाता। -
चौधरी सुनील, निवासी
पीने का गंदा पानी आ रहा है, जिस वजह से गांव में हजारों लोग पानी खरीदकर पी रहे हैं। -
योगेश, निवासी
प्रशांत चौहान