केजरीवाल सरकार के संवाद एवं विकास आयोग (डीडीसी) पुनर्गठित होगी। इसके लिए उप राज्यपाल से भी मंजूरी मिल गई है। इसके पुनर्गठन की योजना दिल्ली गजट में भी अधिसूचित की गई है। अलग अलग क्षेत्रों के नीति विशेषज्ञों के लिए 48 पद मंजूर किए गए हैं। डीडीसी के उपाध्यक्ष जस्मिन शाह ने कहा कि डीडीसी संस्थागत तौर पर और सुदृढ़ सहित नई भर्तियों से दिल्ली के विकास की राह की मुश्किलें कम होंगी।
दिल्ली को 2047 तक दुनिया का नंबर 1 शहर बनाने के मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण को वास्तविक रूप देने में अहम भूमिका होगी। केजरीवाल सरकार ने पिछले सात वर्षों में अलग अलग क्षेत्रों में की गई पहल को दिल्ली मॉडल के नाम दिया गया है। डीडीसी के पुनर्गठन से नई नीतियों के तहत अनुसंधान और नवाचार केंद्र को स्थापित करने में मदद मिलेगी। इसके तहत छह प्रमुख क्षेत्रों( सामाजिक, पर्यावरण, परिवहन, अर्थव्यवस्था, शासन और मूल्यांकन) में सलाह दी जाएंगी।
डीडीसी के संस्थागत ढांचे के संबंध में मीडिया को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष जस्मिन शाह ने कहा कि डीडीसी का गठन फरवरी 2015 में हुआ था। पिछले 7 वर्षों में कई एतिहासिक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्य देश दुनिया में भी एक अनूठी पहल के तौर पर जाने जा रहे हैं। स्कूल, स्वास्थ्य के अलावा परिवहन के क्षेत्र में महिलाओं के लिए फ्री बस, बस मार्शल की तैनाती जैसे कार्य किए गए हैं। पर्यावरण, बिजली, पानी के क्षेत्र में भी काफी सराहनीय कार्य हुए हैं। डीडीसी ने इन्हें लागू करने में सलाहकार, नीतियों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है।
पिछले साल मुख्यमंत्री ने ऐलान किया था कि 2047 तक दिल्ली को एक ग्लोबल राजधानी बनाना चाहते हैं। दिल्ली को दुनिया का नंबर एक शहर बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के साथ साथ सभी के लिए एक समान सुविधाएं देने की दिशा में पहल की गईं। 2047 तक सिंगापुर के प्रति व्यक्ति आय के बराबर करने का सरकार का प्रयास है। इसके लिए आर्थिक विकास बेहद जरूरी है। दिल्ली को दीर्घकाल की जरूरतें पूरी करने के लिए जहां पर वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, महामारी, जलवायु परिवर्तन सहित दूसरे पहलुओं पर दिल्ली में कई कार्य करने की जरूरत है।
जस्मिन शाह ने कहा कि 2047 के सपने को साकार करने के लिए डीडीसी और अधिक सदृढ़ करने की आवश्यकता हैं। पिछले एक साल तक सभी पहलुओं पर मंथन करने के आधार पर डीडीसी के पुनर्गठन की दिशा में पहल की गई। दिल्ली की कैबिनेट से पास होने के बाद उपराज्यपाल ने भी स्वीकृति दे दी है।