राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 में हुई अनियमितताओं को लेकर देशव्यापी हंगामे के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। यह फैसला जंतर-मंतर पर छात्रों के चल रहे आंदोलन और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आया है।प्रधान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की और इसके कारणों को भी स्पष्ट किया।
इस्तीफे के पीछे की वजह: छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के प्रति समर्पण
अपने इस्तीफे के संबंध में लिखे एक पत्र में, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है।
उन्होंने NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं पर सरकार की त्वरित कार्रवाई का उल्लेख किया। शिकायतें सामने आते ही मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दी गई और इसे दोबारा आयोजित कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही, यह भी घोषणा की गई कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
लाखों छात्रों के भविष्य की प्राथमिकता: निष्पक्ष परीक्षा का आयोजन
धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग की सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के कई प्रतिभाशाली छात्रों को सफलता मिलने पर उन्होंने खुशी व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी गहरा दुख व्यक्त किया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया।
युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने की जानकारी दी।
- NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आते ही जांच CBI को सौंपी गई और परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई गई।
- अगले साल से NEET परीक्षा CBT (Computer Based Test) मोड में कराने का फैसला।
- 20 लाख से ज्यादा छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से कराने को प्राथमिकता बताया।
- किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देने का संकल्प लिया था।
- 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम को संतोषजनक बताया।
- आरोप लगाया- जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की।
- पिछले 10 दिनों की घटनाओं से मन दुखी होने की बात कही।
- भारत की युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है।
- जंतर-मंतर की स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे।
- छात्रों से पढ़ाई और करियर पर ध्यान देने की अपील।
- प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया।
- राष्ट्रसेवा को जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
- भविष्य में भी भारत, ओडिशा और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहूंगा।