कहानी में बताया जाएगा कि किस तरह किसान पप्पन ने कोरोना काल में मजदूरों की मदद की। 28 फरवरी को एक निजी रेडियो चैनल पर ‘सुनहरी सोच : सीजन-2’ में माधुरी दीक्षित यह कहानी सुनाएंगी। किसान पप्पन सिंह तिग्गीपुर में करीब चार एकड़ भूमि में जैविक खेती करते हैं। वह ज्यादातर मशरूम की पैदावार करते हैं।
दिल्ली के किसान की कहानी जल्द ही धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित की जुबानी रेडियो पर सुनने को मिलेगी। कहानी में बताया जाएगा कि किस तरह किसान पप्पन ने कोरोना काल में मजदूरों की मदद की। 28 फरवरी को एक निजी रेडियो चैनल पर ‘सुनहरी सोच : सीजन-2’ में माधुरी दीक्षित यह कहानी सुनाएंगी।
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किसान पप्पन सिंह तिग्गीपुर में करीब चार एकड़ भूमि में जैविक खेती करते हैं। वह ज्यादातर मशरूम की पैदावार करते हैं।
खास बात यह है कि पप्पन हर साल सर्दी में राजनीतिक पार्टियों के बहस का मुद्दे रहने वाली पराली को जलाने के बजाय खेती में ही इस्तेमाल करते हैं। वह प्रत्येक वर्ष करीब सवा लाख टन की पैदावर करने के साथ मुनाफा कमा रहे हैं।
पप्पन सिंह ने बताया कि वह 28 साल पहले पहाड़गंज में एक ट्रांसपोर्टर के यहां काम करते थे। इस दौरान उन्होंने मशरूम की खेती करने पर विचार किया, लेकिन पूंजी की कमी होने के कारण उन्होंने 2005 में सोने के आभूषण गिरवी रखकर 60 हजार रुपये का कर्ज लिया। इससे मशरूम की खेती शुरू की।
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किसान ने बताया कि कोरोना महामारी के समय उन्होंने अपने मजदूरों को उनके गांव भेजने के लिए फ्लाइट का टिकट बुक कराने के साथ आर्थिक रूप से मदद की। मजदूरों के वापसी के लिए भी फ्लाइट का टिकट बुक कराया। इसके बाद उन्हें सामाज में काफी सराहना मिली। पप्पन सिंह अपने खेतों में अनुबंध के तहत खेती करते हैं।