दिल्ली सरकार बिजनेस ब्लॉस्टर प्रोग्राम पर संजीदगी से काम कर रही है। मकसद बच्चों में उद्यमिता विकसित करने की है। बच्चों की बेहतर आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आर्थिक मदद भी कर रही है। मौजूदा प्रोग्राम और भविष्य की योजना पर पेश है दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से अमर उजाला की बातचीत का एक अंश...
मनीष जी, बिजनेस ब्लॉस्टर प्रोग्राम क्या है?
आज दिल्ली और देश में स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके निकलने वाले 99 फीसदी बच्चे नौकरी पाने की लाइन में लग जाते है। हर साल इतनी बड़ी संख्या में जॉब सीकर्स, जॉब मार्केट में आते हैं, लेकिन सभी को जॉब नहीं मिल पाती है। वजह यह कि आज स्कूल और कॉलेज से नौकरी देने वालों की जगह नौकरी ढूढ़ने वाले निकल रहे हैं। इसी समस्या के समाधान के रूप में हमने बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम की 7 सितंबर 2021 में शुरुआत की। इससे पहले इसे पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल में पायलट फेज में चलाया गया था।
आपने क्या बदलाव किया इसमें?
हम बच्चों से बिजनेस आइडिया लेते हैं। उसे ग्रो करने की करने सरकार बच्चों की मदद करती है। सरकारी स्कूलों में 11-12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को उनके बिजनेस आइडियाज के लिए प्रति छात्र 2 हजार रुपए की सीड मनी दी जा रही है। हम चाहते है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों से निकला हर बच्चा एक ग्रोथ माइंडसेट के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करके निकले। इस प्रोग्राम के माध्यम से हमारा उद्देश्य दिल्ली के बच्चों में एंत्रप्रेन्योर माइंडसेट विकसित करना है, जिससे वह जॉब सीकर के बजाय जॉब प्रोवाइडर बनें। अगर वह नौकरी करे, तो भी वो नौकरियों की लाइन में न लगे हों, बल्कि उन्हें नौकरी देने के लिए कंपनियां लाइन में लगी हों।
बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम को जिस मकसद से शुरू हुआ है, उसे अभी कहां तक हासिल किया जा सका?
जी हां, बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम का मकसद ही बच्चों में उद्यमिता की सोच पैदा करना है। वह रिस्क लें, नाकामी से न डरे। वह अपने अंदर समाधान देने वाले, नेतृत्व करने वाले, टीम के साथ काम करने वाले और तार्किक सोच पैदा करने वालों सी कुशलता लाएं। वह एक ग्रोथ माइंडसेट को अपनाएं। छोटे से समय में ही दिल्ली के 1 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों के 3 लाख बच्चे अपने 51 हजार से अधिक स्टार्टअप के साथ इस प्रोग्राम का हिस्सा बने हैं। बेहद शानदार आइडियाज लेकर आए हैं तो ये प्रोग्राम सफल होता दिख रहा है। उम्मीदन हम जिस विकसित और संपन्न भारत का सपना देखते हैं, भविष्य में ये प्रोग्राम उस सपने को हकीकत में बदलने का सेतु बनेगा।
11वी-12वीं कक्षाओं के बाद इस कार्यक्रम को अन्य कक्षाओं के लिए भी शुरू करने की कोई योजना है?
देखिए, ये प्रोग्राम एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (ईएमसी) का हिस्सा है। हमारे स्कूलों में कक्षा नौ से ही ईएमसी पढ़ाया जाता है। कक्षा 9वीं व 10वीं में हम बहुत सी एक्टिविटी, प्रोजेक्ट्स व विजिट, एंत्रप्रेन्योर्स के साथ इंटरेक्शन के माध्यम से बच्चों की बुनियाद को मजबूत करने का काम करते हैं। उसके बाद 11वीं-12वीं में बच्चों को उनके स्टार्टअप के लिए सीड मनी देते हैं।
सरकार छात्रों के आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए क्या कर रही है, जिससे वो स्कूल खत्म होने के बाद भी इसे कमाई का जरिया बना सकें?
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्त्व में दिल्ली सरकार बहुत जल्द दिल्ली की स्टार्टअप पालिसी की शुरुआत करने जा रही है। इसके माध्यम से दिल्ली सरकार, दिल्ली के युवाओं को अपने स्टार्टअप को शुरू करने में मदद करेगी। स्टूडेंट्स अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए इस पालिसी का लाभ उठा पाएंगे।
छात्रों के किसी बिजनेस आईडिया को किसी कंपनी के साथ शेयर किया गया है, क्या किसी कंपनी ने किसी आईडिया के लिए रुचि दिखाई है?
बहुत-सी कंपनियां बिजनेस कोच के रूप में हमारे इन बडिंग एंत्रप्रेन्योर्स को गाइडेंस दे रही हैं। कई कंपनियों ने स्टूडेंट्स के बहुत से स्टार्टअप को लेकर रूचि भी दिखाई है। हमारी योजना आने वाले समय में दिल्ली में बिजनेस ब्लास्टर्स कार्निवल का आयोजन करना है। जहां टॉप 100 प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। हम इस कार्निवल में दिल्ली और देश के बड़े उद्यमियों को बुलाएंगे की वो आकर इन प्रोजेक्ट्स का इवैल्यूएशन करे और इसमें इनवेस्ट करें।
क्या सरकार छात्रों के आईडिया को टीवी पर प्रसारित करने जा रही है?
जी हां, विश्व के इस सबसे बड़े स्टार्टअप प्रोग्राम को 28 सितम्बर, 2021 से हर रविवार शाम 7 बजे टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। ताकि देशभर के लोग हमारे इन छोटे बिजनेस स्टार्स के बड़े बिजनेस आइडियाज से परिचित हो पाएं।