मलेरिया और चिकनगुनिया ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए, बीते सप्ताह 33 नए मलेरिया के केस हुए दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। सितंबर माह के पहले सप्ताह के मुकाबले दूसरे सप्ताह में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। गत सप्ताह 62 नए डेंगू केस सामने आए, जबकि सितंबर माह के पहले हफ्ते में यह संख्या 58 थी। यह मामूली इजाफा भले लगे, लेकिन एमसीडी के नेताओं का मानना है कि यह आने वाले हफ्तों में बड़ी समस्या का संकेत है।
सितंबर माह के दूसरे सप्ताह तक दिल्ली में डेंगू के कुल 619 मामले दर्ज हो चुके हैं। पिछले सप्ताह आए 62 मामलों में से 49 एमसीडी क्षेत्र, 12 दिल्ली कैंट और एक एनडीएमसी क्षेत्र से जुड़ा है। सबसे ज्यादा 5-5 मामले नजफगढ़, शाहदरा (उत्तरी) और करोल बाग जोन में सामने आए। राहत की बात यह है कि अभी तक डेंगू से किसी की मौत दर्ज नहीं हुई है, मगर मामले बढ़ने से चिंता बढ़ गई है।
डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। बीते सप्ताह 33 नए मलेरिया के केस रिपोर्ट हुए, जिनमें 32 एमसीडी क्षेत्र और एक दिल्ली कैंट से संबंधित थे। सेंट्रल और वेस्ट जोन सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां 4-4 मामले दर्ज किए गए। वहीं चिकनगुनिया के चार नए केस सामने आए, जिनमें दो एमसीडी क्षेत्र, एक दिल्ली कैंट और एक रेलवे से जुड़े हैं। करोल बाग और रोहिणी में 1-1 मामला मिला।
एमसीडी ने बीमारियों को रोकने के लिए पिछले सप्ताह बड़े स्तर पर अभियान चलाया। उसने 7.97 लाख घरों की जांच की गई, जिनमें से 16,891 घरों में मच्छर प्रजनन पाया गया। इसके चलते 8,457 नोटिस जारी हुए और 1,785 मामलों में अभियोजन दर्ज किया गया। उसने 2.06 लाख घरों में कीटनाशक का छिड़काव भी किया और 63,300 रुपये जुर्माना वसूला। इसके अलावा लार्वा खत्म करने के लिए 299 जगहों पर गंबूसिया मछलियां छोड़ी गईं।